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    पंजाब विधानसभा में फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल पास, ऑनलाइन शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा; पटियाला में बनेगा मुख्यालय

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 05:26 PM (IST)

    पंजाब विधानसभा ने फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला बिल-2026 पारित किया है, जिससे राज्य में एक नई सेल्फ-फाइनेंस्ड डिजिटल यूनिवर्सिटी स्थापित होग ...और पढ़ें

    पंजाब विधानसभा में फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल पास। फोटो एक्स

    पंजाब विधानसभा में फिजिक्स वाला डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल पास। फोटो एक्स

    HighLights

    1. पंजाब विधानसभा ने फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल-2026 पारित किया।

    2. यूनिवर्सिटी उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करेगी, सेल्फ-फाइनेंस्ड होगी।

    3. एआई-आधारित सामग्री समीक्षा और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब में डिजिटल एजुकेशन के क्षेत्र में एक और निजी यूनिवर्सिटी स्थापित होने जा रही है। पंजाब विधानसभा में फिजिक्सवाला डिजिटल यूनिवर्सिटी, पटियाला बिल-2026 पास कर दिया गया। बिल के अनुसार पटियाला जिले के गांव नंदपुर केशो में यूनिवर्सिटी का मुख्यालय होगा।

    इसका संचालन नेक्स्टसीड फाउंडेशन की ओर से किया जाएगा। यूनिवर्सिटी सेल्फ फाइनेंस्ड होगी और इसे पंजाब सरकार से किसी तरह का ग्रांट या वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी।

    बिल के अनुसार यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली ऑनलाइन एजुकेशन के लिए मजबूत अकादमिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। यहां अंडरग्रेजुएट, पोस्टग्रेजुएट और प्रोफेशनल लेवल के विभिन्न प्रोग्राम चलाए जा सकेंगे। इंजीनियरिंग, मेडिकल, पैरामेडिकल, साइंस, सोशल साइंसेज, लाइफ साइंसेज, ह्यूमैनिटीज, लिबरल आर्ट्स और मैनेजमेंट सहित उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से तैयार कंटेंट की होगी समीक्षा

    यूनिवर्सिटी में डिजिटल लर्निंग मटीरियल तैयार किया जाएगा और उसे समय-समय पर अपडेट किया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से तैयार किए गए इंस्ट्रक्शनल कंटेंट की स्पष्ट पहचान की जाएगी।

    ऐसे कंटेंट को अकादमिक प्रक्रिया के तहत क्रिटिकल रिव्यू और फॉर्मल अप्रूवल के बाद ही इस्तेमाल किया जाएगा। अकादमिक काउंसिल की मंजूरी से डिजिटल लर्निंग मटीरियल की नियमित समीक्षा और संशोधन भी किया जाएगा।

    वर्चुअल क्लासरूम और प्रॉक्टर्ड एग्जाम सिस्टम

    यूनिवर्सिटी में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम यानी एलएमएस, डिजिटल कंटेंट स्टूडियो, क्लाउड होस्टिंग, वर्चुअल क्लासरूम और प्रॉक्टर्ड एग्जामिनेशन सिस्टम विकसित किए जाएंगे। एआई आधारित लर्निंग सिस्टम के साथ लो बैंडविड्थ और मोबाइल-फर्स्ट एक्सेस की सुविधा भी उपलब्ध कराने का प्रावधान है। विद्यार्थियों के लिए लाइव सेशन, ट्यूटोरियल, मेंटरिंग और अकादमिक एडवाइजर की सुविधा होगी।

    एमओओसी और क्रेडिट ट्रांसफर की सुविधा

    यूनिवर्सिटी में एमओओसी, ऑनलाइन कोर्स और माइक्रो क्रेडेंशियल के माध्यम से विद्यार्थियों को क्रेडिट मोबिलिटी की सुविधा दी जाएगी। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के ऑनलाइन एजुकेशन से जुड़े नियमों, नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट का पालन किया जाएगा।

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    विद्यार्थियों की शिकायतों के लिए ओम्बड्समैन

    विद्यार्थियों की शिकायतों के निपटारे के लिए ओम्बड्समैन नियुक्त किया जाएगा। वह एडमिशन, फीस, परीक्षा, मूल्यांकन, सर्टिफिकेट, स्कॉलरशिप, ऑनलाइन लर्निंग सर्विस, डिजिटल प्लेटफार्म, अकादमिक सपोर्ट, भेदभाव और उत्पीड़न से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई कर सकेगा।

    ओम्बड्समैन के पद पर जिला जज से नीचे के स्तर के न्यायाधीश रह चुके व्यक्ति या कम से कम 10 वर्ष के अनुभव वाले सेवानिवृत्त प्रोफेसर की नियुक्ति की जा सकेगी।

    राज्यपाल होंगे विजिटर, फाउंडेशन का नामित व्यक्ति चांसलर

    बिल के अनुसार पंजाब के राज्यपाल यूनिवर्सिटी के विजिटर होंगे। उन्हें यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक और अकादमिक मामलों की जांच या निरीक्षण कराने का अधिकार होगा। वहीं फाउंडेशन की ओर से नामित चेयरपर्सन या प्रतिष्ठित व्यक्ति यूनिवर्सिटी का चांसलर होगा।

    चांसलर गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन होंगे और यूनिवर्सिटी के अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति समेत कई महत्वपूर्ण मामलों में अधिकार रखेंगे।

    यूनिवर्सिटी को विभिन्न कोर्स शुरू करने, डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट देने, स्टडी सेंटर व एग्जामिनेशन सेंटर स्थापित करने, रिसर्च और कंसल्टेंसी करने तथा विद्यार्थियों से फीस वसूलने का अधिकार होगा। यूनिवर्सिटी अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों के साथ मिलकर ड्यूल डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट प्रोग्राम भी संचालित कर सकेगी।