सीनेट के लिए तैयार हो रही सियासी पिच, 5.50 लाख वोटर्स से साधा जा रहा संपर्क; दूसरे राज्यों में पहुंचना चुनौती
पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव 20 सितंबर को होंगे, जिसमें प्रत्याशी जीत के लिए इंटरनेट मीडिया और डोर-टू-डोर प्रचार का सहारा ले रहे हैं। 5.50 लाख से अधि ...और पढ़ें

प्रत्याशी जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे।
HighLights
पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव 20 सितंबर को निर्धारित हैं।
पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, दिल्ली समेत अन्य राज्यों में वोटर।
इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और वाट्सएप पर वोट मांगने में जुटे प्रत्याशी।
मोहित पांडेय, चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव 20 सितंबर को होंगे। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही प्रत्याशी अपनी-अपनी सियासी पिच तैयार करने में जुट गए हैं। इस बार सीनेट चुनाव में असल लड़ाई वर्चस्व की दिखाई दे रही है।
इसके चलते नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद से ही प्रत्याशी जीत दर्ज करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं। मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए प्रत्याशियों ने इंटरनेट मीडिया को भी प्रचार का अचूक हथियार बना लिया है।
दूसरे राज्यों में पहुंचना चुनौती है, लेकिन इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स और वाट्सएप के जरिए प्रत्याशी लगातार मतदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। बीते कुछ समय में इंटरनेट मीडिया का प्रयोग हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ा है। चुनाव प्रचार भी इससे अछूता नहीं रहा है।
पहले जहां प्रत्याशियों की ओर से पोस्टर, बैनर और व्यक्तिगत मुलाकातों के जरिये प्रचार किया जाता था, वहीं अब इंटरनेट मीडिया चुनाव प्रचार का बड़ा माध्यम बन गया है।
सीनेट चुनाव में भी उम्मीदवार इंटरनेट मीडिया के जरिए अलग से सियासी लड़ाई लड़ने में जुट गए हैं। प्रत्याशी अपने विजन, उपलब्धियों और चुनावी मुद्दों को पोस्ट और वीडियो के माध्यम से मतदाताओं तक पहुंचा रहे हैं।
ग्रुप बनाकर वोटरों तक पहुंच रहे प्रत्याशी
सीनेट चुनाव में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत देश के अन्य राज्यों में रहने वाले 5.50 लाख से अधिक मतदाता मतदान करेंगे। इतने बड़े मतदाता वर्ग तक व्यक्तिगत रूप से पहुंचना प्रत्याशियों के लिए आसान नहीं है।
ऐसे में इंटरनेट मीडिया और वाट्सएप ग्रुप प्रचार का सबसे आसान माध्यम बनकर सामने आया है। प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की ओर से अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुप में चुनाव से जुड़ी जानकारी, प्रत्याशियों का एजेंडा और वोट की अपील लगातार साझा की जा रही है।
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फोन और बैठक के माध्यम से भी समर्थन जुटा रहे
हालांकि इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बावजूद डोर-टू-डोर प्रचार अब भी प्रत्याशियों का अचूक हथियार बना हुआ है। प्रत्याशी मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क करने के साथ ही फोन और बैठक के माध्यम से भी समर्थन जुटा रहे हैं।
अलग-अलग क्षेत्रों में छोटी बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ मतदाताओं से संपर्क कर उन्हें अपने पक्ष में मतदान करने के लिए साधने में जुटे हैं।
सीनेट चुनाव में इस बार मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण प्रत्याशियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने संदेश को अधिक से अधिक वोटरों तक पहुंचाने की है। यही वजह है कि इंटरनेट मीडिया से लेकर व्यक्तिगत संपर्क तक हर माध्यम का इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, प्रचार अभियान भी तेज होता जा रहा है।