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    PU की दो कुर्सियों की शिकागो में लगेगी बोली, विदेशों में किसने पहुंचाया चंडीगढ़ का हेरिटेज फर्नीचर? जांच की मांग

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 12:19 PM (IST)

    पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) की विरासत से जुड़ी दो कुर्सियां शिकागो में नीलामी के लिए पहुंची हैं। इससे चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा पर सवाल खड़ ...और पढ़ें

    पंजाब विश्वविद्यालय की विरासत से जुड़ी कुर्सियां पहुंची शिकागो। (सांकेतिक तस्वीर)

    पंजाब विश्वविद्यालय की विरासत से जुड़ी कुर्सियां पहुंची शिकागो। (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. पीयू की दो विरासत कुर्सियां शिकागो में नीलाम होंगी।

    2. अधिवक्ता अजय जग्गा ने नीलामी रोकने की मांग की।

    3. हेरिटेज फर्नीचर विदेशों तक पहुंचने पर जांच की मांग।

    राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) की विरासत से जुड़ी दो कुर्सियां अमेरिका के शिकागो में नीलामी के लिए पहंंची हैं, जिसके लिए 13 अगस्त को बोली लगेगी। इससे चंडीगढ़ के हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

    हेरिटेज फर्नीचर विदेशों तक कैसे पहुंच रहा, इसकी जांच की मांग उठी है। अधिवक्ता एवं हेरिटेज आइटम्स प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने उपराष्ट्रपति एवं पंजाब विश्वविद्यालय के चांसलर सीपी राधाकृष्णन और विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मीनाक्षी गोयल को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और नीलामी रुकवाने की मांग की है।

    जग्गा के अनुसार शिकागो स्थित नीलामी घर राइट की ओर से जारी विवरण में पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित दो कुर्सियों को नीलामी के लिए रखा गया है। इनमें लॉट नंबर 155 में आठ डाइनिंग चेयर्स शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 12 हजार से 15 हजार डाॅलर बताई गई है। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 11 लाख से 14 लाख रुपये बैठती है। 

    दूसरी वस्तु लॉट नंबर 161 की राइटिंग चेयर है। इसकी अनुमानित कीमत तीन हजार से चार हजार डाॅलर यानी करीब 2.5 लाख से 3.5 लाख रुपये बताई गई है।

    नीलामी सूची में इन्हें पंजाब विश्वविद्यालय के छात्र आवास की कुर्सियां बताया गया है।जग्गा ने दावा किया है कि दोनों कुर्सियों पर पंजाब विश्वविद्यालय से संबंधित पुराने क्रमांक भी अंकित हैं, जिससे इनके संस्थान से संबंध की पुष्टि किए जाने की जरूरत है।

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    पहले भी विदेश में नीलामी रोकने का दावा

    जग्गा ने पत्र में दावा किया है कि चंडीगढ़ प्रशासन और विदेश मंत्रालय के हस्तक्षेप से हाल के समय में फ्रांस और स्पेन में चंडीगढ़ की विरासत से जुड़े सामान की दो नीलामी रोकी जा चुकी हैं। उनका कहना है कि अब अमेरिका में प्रस्तावित नीलामी को भी रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।

    ये नीलामियां रुकवाईं

    24 जून, पेरिस : चंडीगढ़ की विरासत से जुड़ी दो कुर्सियां फ्रांस के पेरिस में नीलामी के लिए रखी गई थीं। इनमें एक कुर्सी पर ‘PU Chem/55’ और दूसरी पर ‘PGI/W/CH-020’ अंकित था, जिससे इनके पंजाब विश्वविद्यालय और पीजीआइएमईआर से जुड़े होने की बात सामने आई। चंडीगढ़ प्रशासन ने विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से दोनों वस्तुओं की नीलामी रोक दी गई।

    15 जुलाई, अमेरिका : इसके बाद अमेरिका में चंडीगढ़ से जुड़े पियरे जेनरे की डिजाइन की मेज और कुर्सी की प्रस्तावित नीलामी का मामला सामने आया। इनकी अनुमानित कीमत 6,000 से 8,000 डाॅलर थी। प्रशासन ने अमेरिका और स्पेन में प्रस्तावित नीलामियों को रोकने के लिए विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप मांगा।

    22 जुलाई, बार्सिलोना : स्पेन के बार्सिलोना स्थित सेटडार्ट नीलामी घर में पियरे जेनरे की डिजाइन की एक विरासत हैंगिंग आर्मचेयर की नीलामी प्रस्तावित थी। इसकी अनुमानित कीमत 12,000 से 14,000 यूरो थी। विदेश मंत्रालय के माध्यम से भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद नीलामी से इसे हटा दिया गया।