'सरकार बनाम जेन-जी की हुई जीत', PU चुनाव फतह करने के बाद ABVP का बड़ा बयान; बजट और सेनेट पर उठाए सवाल
एबीवीपी ने पीयू छात्रसंघ चुनाव में अपनी जीत को सरकार बनाम जेन-जी की जीत बताया, नवनिर्वाचित अध्यक्ष अंकित बिढान ने वादों पर खर्च न होने पर सवाल उठाए।
HighLights
एबीवीपी ने पीयू चुनाव को सरकार बनाम जेन-जी बताया।
नकारात्मक प्रचार से एबीवीपी को मिला सकारात्मक परिणाम।
छात्रों को विश्वविद्यालय सेनेट में शामिल करने की मांग।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। छात्रसंघ चुनाव में जीत के बाद एबीवीपी खेमे ने इसे महज संगठन की जीत नहीं, बल्कि जेन-जी की जीत करार दिया। नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष अंकित बिढान ने कहा कि इस बार का चुनाव सरकार बनाम जेन-जी रहा।
उन्होंने कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए जितना पैसा लगाया गया, यदि उतना ही पैसा 2022 में किए गए वादों को पूरा करने और हास्टल पर लगाने में खर्च किया जाता तो शायद चुनाव का नतीजा कुछ और होता।
एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वरिंदर सिंह सोलंकी ने कहा कि पूरे पंजाब और चंडीगढ़ की नजर पंजाब यूनिवर्सिटी पर रहती है। इस बार एबीवीपी के घोषणापत्र में छात्रहित को प्राथमिकता दी गई और इसी आधार पर संगठन को जीत मिली।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में यह प्रचार किया जा रहा था कि जेन-जी एबीवीपी के साथ नहीं है, लेकिन चुनाव परिणाम ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया। जेन-जी देशहित में एबीवीपी के काम को समझती है और पंजाब की जेन-जी भी संगठन के साथ खड़ी है।
‘ASAP का नकारात्मक प्रचार हमारे लिए सकारात्मक साबित हुआ’
एबीवीपी नेताओं ने आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई ASAP की ओर से लगाए गए आरोपों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ASAP की ओर से किया गया नकारात्मक प्रचार एबीवीपी के लिए उल्टा सकारात्मक साबित हुआ। वहीं, सोई की ओर से मतदान से करीब 48 घंटे पहले दिए गए समर्थन पर एबीवीपी ने स्पष्ट किया कि समर्थन जरूर मिला था, लेकिन दोनों संगठनों के बीच कोई गठबंधन नहीं था।
छात्र परिषद के पूर्व अध्यक्ष गौरव वीर सोहल ने कहा कि एबीवीपी पहली ऐसी छात्र संगठन बनी है, जिसने अपने कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड पेश किया। उन्होंने आम आदमी पार्टी के सांसद मीट हेयर पर भी निशाना साधते हुए कहा कि करीब 40 दिनों में वे जितनी बार पंजाब यूनिवर्सिटी के अधिकारियों से मिले, उतनी बार वह छात्रसंघ अध्यक्ष रहते हुए भी अधिकारियों से नहीं मिल पाए।
सेनेट में छात्रों की भागीदारी की मांग
वहीं, आदित्य टकियार ने सेनेट को लेकर कहा कि विश्वविद्यालय की सेनेट में छात्रों को भी शामिल किया जाना चाहिए। एबीवीपी नेताओं ने कहा कि छात्रहित से जुड़े मुद्दों को अब विश्वविद्यालय के निर्णय लेने वाले मंचों तक मजबूती से उठाया जाएगा।
