NEET Re exam फिजिक्स-केमिस्ट्री ने किया परेशान, बायोलाॅजी ने दी राहत; परीक्षा केंद्र से बाहर निकलकर बोले अभ्यर्थी
चंडीगढ़ और मोहाली में नीट की दोबारा परीक्षा कड़ी सुरक्षा के बीच संपन्न हुई, जिसमें छात्रों को फिजिक्स-केमिस्ट्री ने परेशान किया लेकिन बायोलॉजी ने राहत ...और पढ़ें

नीट के अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र से बाहर निकलकर आते हुए।
HighLights
चंडीगढ़ और मोहाली में बनाए गए थे 15 परीक्षा केंद्र
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई परीक्षा।
अभ्यर्थी पिछली परीक्षा से बेहतर स्कोर की उम्मीद में।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़/मोहाली। फिजिक्स-केमिस्ट्री के ट्रिकी प्रश्नों ने थोड़ा परेशान किया लेकिन बायोलाॅजी के छोटे सवालों ने राहत दी। ऐसी ही प्रतिक्रिया थी नेशनल एलिजिबिल्टी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) की परीक्षा के विद्यार्थियों की। पहले रद होने के बाद दोबारा परीक्षा कराई गई है।
रविवार को चंडीगढ़ और मोहाली के 15 केंद्रो पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। परीक्षा देने जाते समय चेहरे पर चिंता और बाहर आते सुकून था। क्योंकि दूसरी बार हुई परीक्षा से पहले से ज्यादा स्कोर की उम्मीद थी। चंडीगढ़ और मोहाली के परीक्षा केंद्रों पर सुबह नौ बजे से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था थी।
दोपहर 11 बजे के बाद शहर के विभिन्न सेंटरों पर विद्यार्थी पहुंचने शुरू हुए जिनकी पहले चेकिंग पुलिस ने की और उसके बाद अंदर जाकर एनटीए के स्टाफ ने।
परीक्षा की सुरक्षा पुख्ता रहे इसके लिए मोहाली और चंडीगढ़ के डीसी ने एसडीएम के साथ लगातार केंद्रों की चेकिंग की और सुरक्षा के लिए जगातार निर्देश दिए। चंडीगढ़ और मोहाली में 10 हजार के करीब विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। जिसमें चंडीगढ़ के 2789 के विद्यार्थी थे।
पंजाब के खमाणो से आर रुद्र वर्मा ने बतया कि पेपर लीक के कारण इस बार सुरक्षा काफी सख्त थी। जिससे परीक्षा प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित लगी। फिजिक्स सेक्शन थोड़ा मुश्किल था, जबकि अन्य विषय के सवाल आसान थे। पहले हुए पेपर में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था, लेकिन इस बार मैं समय का बेहतर प्रबंधन कर पाया और पेपर पहले से ज्यादा अच्छा गया।
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वहीं, लद्दाख से आए स्टैंजिन जिगस्टर ने बताया कि पेपर लीक ने मानसिक रूप से काफी परेशान किया। दोबारा तैयारी करना आसान नहीं था लेकिन हिम्मत नहीं हारी। इस बार के पेपर में फिजिक्स के न्यूमेरिकल प्रश्न अधिक थे, जिसमें ज्यादा समय लगा। कुल मिलाकर पेपर ठीक रहा, हालांकि यह पहले वाले पेपर की तुलना में थोड़ा अधिक कठिन लगा।
डेराबस्सी की रहने वाली तमन्ना ने कहा कि पेपर लीक होने से निराशा हो गई थी। ऐसा लगा कि महीनों की मेहनत व्यर्थ चली गई है। फिजिक्स और केमिस्ट्री में कुछ सवाल चुनौतीपूर्ण थे, जबकि बायोलाॅजी आसान रही। कुल मिलाकर पेपर अच्छा गया।
बनूड़ की हर्षित ने बताया कि परीक्षा इस बार आसान थी, फिजिक्स और केमिस्ट्री में थोड़ी परेशानी हुई लेकिन बायोलाॅजी के सवाल छोटे थे। इस बार परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच काफी कड़ी थी। पेपर लीक विवाद के बाद इस बार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता दिखाई दी।
न्यू चंडीगढ़ की श्रुति ने बताया कि उनका चौथा प्रयास था। शायद इसलिए पेपर सबसे आसान लगा। इसमें बायोलाजी के सवाल बहुत आसान थे क्योंकि वह सिंगल लाइन या सिंगल शब्द में खत्म होने थे। फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल घुमावदार होते हैं जिसे सोचने में थोड़ा समय लगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-44 की वंशिका के अनुसार, फिजिक्स और केमिस्ट्री के सवाल हर बार की तरह ट्रिकी थे। सवाल आसान थे लेकिन सोचकर उत्तर देना पड़ा। पेपर की चिंता ज्यादा थी लेकिन पेपर आसान था। उम्मीद है पिछली बार से बेहतर परिणाम मिलेगा।
चंडीगढ़ के सेक्टर-33 के देवेंद्र के अनुसार, बायोलाॅजी के पार्ट हमेशा मुश्किल आता है लेकिन इस बार की नीट परीक्षा में बायोलाजी आसान थी। पेपर दूसरी बार हुआ इसलिए तैयारी करने का मौका भी बेहतर मिला, उम्मीद है इस बार बेहतर स्कोर करूंगा।