पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका, CM भगवंत मान के पूर्व ओएसडी मनजीत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पूर्व ओएसडी मनजीत सिंह सिद्धू को पार्टी में शामिल कराया ...और पढ़ें

सीएम मान के पूर्व ओएसडी मनजीत सिंह सिद्धू को परगट सिंह ने कांग्रेस में कराया शामिल।
HighLights
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने मनजीत सिद्धू को पार्टी में शामिल कराया
मनजीत सिद्धू मुख्यमंत्री भगवंत मान के पूर्व ओएसडी थे
इस कदम से आम आदमी पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा
डॉ. सुमित सिंह श्योराण चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में मंगलवार को उस समय नया घटनाक्रम देखने को मिला, जब आम आदमी पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री भगवतं मान के पूर्व ओएसडी मनजीत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में कांग्रेस का दामन थाम लिया।
सीएम मान के सबसे करीबियों में से एक माने जाने वाले मनजीत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा, 'वह कुर्सी के साथ खड़े हैं और मैं पंजाब के साथ खड़ा हूं। इसलिए हमारे रास्ते अलग-अलग हैं।'
पंजाब के लिए देखे सपने पूरे नहीं हुए
कांग्रेस में शामिल होने के बाद बातचीत में मनजीत सिंह सिद्धू ने कहा कि उन्होंने पंजाब को लेकर जो सपने देखे थे, वे पूरे नहीं हुए। वह अच्छे समय और सही अवसर का इंतजार कर रहे थे। अब उन्हें कांग्रेस की विचारधारा के साथ जुड़कर पंजाब के लिए काम करने का मौका मिला है।
उन्होंने कहा कि सपने कभी मरते नहीं हैं और पंजाब को बेहतर बनाने की उम्मीद के साथ उन्होंने यह फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि देश में सामाजिक न्याय को समझने के मामले में राहुल गांधी की सोच और समझ अलग है।
पिछले दिनों पूरे देश ने इसे देखा है। सिद्धू ने कहा कि उनका जमीर जागा है और अब उन्होंने कांग्रेस संगठन के साथ मिलकर काम करने का निर्णय लिया है।
पायलट के नेतृत्व में संगठन को मजबूत करने की बात
मनजीत सिंह सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सचिन पायलट जैसे युवा और ऊर्जावान नेता के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस में पार्टी के सदस्य के रूप में काम करेंगे और सभी को साथ लेकर चलेंगे। उनका उद्देश्य किसी पद की चाहत के बजाय पंजाब और अपने क्षेत्र के लिए बेहतर काम करना होगा।
भगवंत मान का साथ छोड़ने के सवाल पर सिद्धू ने अपने जवाब से राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। उनके कांग्रेस में शामिल होने को पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
