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    गैंगस्टर की कहानी पर घमासान, ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर

    Updated: Wed, 22 Apr 2026 04:57 PM (GMT+05:30)

    गैंगस्टर आधारित ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ वेब सीरीज के खिलाफ उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर हुई है। इसमें अपराध के महिमामंडन का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन प ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज पर विवाद गहराया।

    2. पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग ने PIL दायर की।

    3. गैंगस्टर की छवि महिमामंडित करने का आरोप लगा।

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में गैंगस्टर संस्कृति को लेकर चल रही बहस के बीच अब ओटीटी प्लेटफार्म जी फाइव पर आने वाली एक वेब सीरीज ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में ‘लारेंस आफ पंजाब’ नामक वेब सीरीज के खिलाफ जनहित याचिका दायर की गई है। यह याचिका अमरिंदर सिंह राजा वडिंग द्वारा दाखिल की गई है, जो पंजाब कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हैं।

    इस याचिका पर हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख तय की है।याचिका में कहा गया है कि जी फाइव पर प्रसारित होने वाली यह वेब सीरीज कुख्यात गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित है और इसमें उसकी छात्र जीवन से लेकर एक बड़े गैंगस्टर बनने तक की कहानी को दर्शाया गया है।

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    अपराधी छवि को महिमामंडित करती कहानी

    याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस तरह की प्रस्तुति अपराधी छवि को महिमामंडित करती है और समाज में गलत संदेश देती है।राजा वडिंग ने अपनी याचिका में स्पष्ट तौर पर कहा है कि पंजाब पहले ही गैंगस्टर गतिविधियों से जूझ रहा है। राज्य में आए दिन गैंगवार और आपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है।

    ऐसे संवेदनशील समय में किसी गैंगस्टर पर आधारित वेब सीरीज का निर्माण युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित कर सकता है।याचिका में यह भी तर्क दिया गया है कि ओटीटी प्लेटफार्म पर प्रसारित होने वाले कंटेंट की निगरानी के लिए कोई ठोस और प्रभावी नियामक तंत्र मौजूद नहीं है।

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    समाज पर नकारात्मक प्रभाव

    ऐसे में इस प्रकार की सामग्री बिना पर्याप्त जांच के दर्शकों तक पहुंच जाती है, उसका समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।इस मुद्दे को लेकर राजा वडिंग ने 21 अप्रैल को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और जी फाइव को भी एक प्रतिनिधित्व भेजा था, जिसमें वेब सीरीज पर रोक लगाने की मांग की गई थी।

    हालांकि, अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि इस वेब सीरीज के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जाए और भविष्य में इस प्रकार की सामग्री के नियमन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएं।

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