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    पंजाब के मोहाली में बनेगा देश का पहला AI टावर, 300 विदेशी कंपनियां करेंगी निवेश; हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 11:30 AM (IST)

    मोहाली में देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टावर बन रहा है, जो भारत में एआई आधारित उद्योगों का बड़ा केंद्र बनेगा। पंजाब सरकार की इस परियोजना से लगभग ...और पढ़ें

    मोहाली में देश का पहला एआई टावर बनेगा, 300 कंपनियां हजारों रोजगार सृजित करेंगी। एआई जेनरेटेड तस्वीर। (सोर्स- जेमिनी)

    मोहाली में देश का पहला एआई टावर बनेगा, 300 कंपनियां हजारों रोजगार सृजित करेंगी। एआई जेनरेटेड तस्वीर। (सोर्स- जेमिनी)

    HighLights

    1. देश का पहला एआई टावर मोहाली में स्थापित होगा

    2. 300 एआई कंपनियां संचालित होंगी, हजारों रोजगार मिलेंगे

    3. सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर, चिप निर्माण पर ध्यान केंद्रित होगा

    जागरण संवाददाता, मोहाली। देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टावर की सौगात मिलने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना एक्सपो सिटी के तहत विकसित की जा रही है और इसे भारत में एआई आधारित उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।

    पंजाब सरकार के अनुसार इस परियोजना की आधिकारिक शुरुआत हो चुकी है और यहां लगभग 300 देशी और विदेशी एआई कंपनियां अपना संचालन शुरू करेंगी। इससे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

    चंडीगढ़ एयरपोर्ट के पास बनेगा टावर

    यह एआई टावर चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक स्थापित किया जाएगा। करीब 183.5 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना में रड्डा, धमाला, शफीपुर और लड्डियाली गांवों की जमीन शामिल है। सरकार का कहना है कि यहां केवल सॉफ्टवेयर विकास ही नहीं, बल्कि एआई आधारित हार्डवेयर, चिप निर्माण, स्मार्ट उपकरण और उन्नत तकनीकी उत्पादों का भी निर्माण किया जाएगा।

    परियोजना से इंजीनियर, डेटा वैज्ञानिक, सॉफ्टवेयर डेवलपर, शोध विश्लेषक, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और ड्रोन तकनीक से जुड़े पेशेवरों को बड़े स्तर पर रोजगार मिलेगा। राज्य सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने प्रदेश में ही बेहतर अवसर मिलेंगे और उन्हें बाहर पलायन नहीं करना पड़ेगा।

    भूमि मालिकों के लिए विशेष लैंड पूलिंग नीति लागू की गई है, जिसके तहत जमीन अधिग्रहण के बजाय प्रति एकड़ लगभग 800 वर्ग गज का व्यावसायिक प्लॉट देने का प्रावधान किया गया है।

    परियोजना की निगरानी के लिए उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति गठित की गई है। सरकार का मानना है कि यह पहल पंजाब को एआई और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाएगी।

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