कैप्टन और सिद्धू से लेकर भट्ठल तक..., पंजाब कांग्रेस में बगावत का लंबा इतिहास; पार्टी ने कई बार बदले मुख्यमंत्री
पंजाब कांग्रेस में बगावत कोई नई बात नहीं है, पार्टी के इतिहास में आंतरिक कलह और नेतृत्व परिवर्तन की कई घटनाएं दर्ज हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ स ...और पढ़ें

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। फाइल फोटो
HighLights
पंजाब कांग्रेस में बगावत और आंतरिक कलह का लंबा इतिहास।
कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कई बार हुए विद्रोह।
नेतृत्व परिवर्तन के कारण मुख्यमंत्री पद पर बदलाव।
रमनजीत सिंह मणकू, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में बगावत पार्टी के लिए कोई नई बात नहीं है। प्रदेश कांग्रेस का इतिहास ऐसी कई बगावतों से भरा रहा है। वर्ष 2022 से पहले जब प्रदेश में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार थी तब नवजोत सिंह सिद्धू व अन्य नेताओं ने कैप्टन के खिलाफ बगावत का झंडा उठाया था।
इस बगावत का लाभ भी चरणजीत सिंह को मिला था, जबकि वे इस बगावत का हिस्सा तक नहीं थे। पार्टी ने कैप्टन को मुख्यमंत्री पद से हटाकर चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया था।
इससे पहले भी 2004 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार के दौरान बगावत हुई थी। इस बगावत का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने किया था। पार्टी के 64 में से 33 विधायकों जिनमें से ज़्यादातर पार्टी के पुराने और अनुभवी नेता थे, का समर्थन होने का दावा करते हुए, भट्ठल दिल्ली में पहुंच गई थी।
करीब 22 दिन दिल्ली में डेरा जमाए रखने के बाद आखिरकार दिल्ली से लौटते वक्त अपने लिए उप मुख्यमंत्री का पद साथ लेकर आई थीं। हालांकि भट्ठल की मांग तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को तुरंत हटाने की थी, लेकिन उस वक्त सोनिया गांधी के अत्यंत करीबी रहे कैप्टन ने 40 विधायकों का समर्थन हासिल होने का दावा किया था और अंतत: अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब रहे थे।
इतना ही नहीं, बेअंत सिंह की हत्या के बाद पार्टी में हुई बगावत के कारण कांग्रेस ने दो बार मुख्यमंत्री बदले थे, जिनमें हरचरण सिंह बराड़ और फिर राजिंदर कौर भट्ठल शामिल थीं।