'चरणजीत चन्नी को बनाएं प्रधान या CM चेहरा', 5 पूर्व मंत्री; पांच MLA व 20 पूर्व विधायकों का हाईकमान को अल्टीमेटम
पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी सार्वजनिक हो गई है, जिसमें पूर्व सीएम चन्नी के निवास पर हुई बैठक में कई बड़े नेताओं ने राजा वड़िंग की प्रधानगी का विरोध किय ...और पढ़ें

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी। फाइल फोटो
HighLights
चन्नी के मोरिंडा निवास पर कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई।
राजा वड़िंग की प्रधानगी का विरोध, चन्नी को समर्थन दिया।
हाईकमान को चन्नी को अध्यक्ष या सीएम चेहरा बनाने का अल्टीमेटम।
जागरण संवाददाता, मोरिंडा (रूपनगर)। पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से चल रही गुटबाजी शुक्रवार को सार्वजनिक हो गई। हाईकमान की ओर से दो दिन पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को प्रदेश प्रधान बनाए रखने के फैसले के खिलाफ पार्टी का एक धड़ा खुलकर सामने आ गया है।
वड़िंग की प्रधानगी का विरोध कर रहे गुट ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मोरिंडा स्थित निवास पर करीब साढ़े तीन घंटे तक बैठक की। इसमें एक पूर्व सांसद, पांच पूर्व मंत्री, पांच विधायक व 20 के ज्यादा पूर्व विधायक और कई विधानसभा हलकों के प्रभारी व अन्य नेता शामिल थे।
सभी ने एकमत से पार्टी हाईकमान को अल्टीमेटम दिया है कि वह राजा वड़िंग के बजाय चन्नी को प्रदेश की कमान सौंपे या फिर उन्हें सीएम चेहरा घोषित करे। बैठक में एकमत से चन्नी को कोई भी फैसला लेने के भी अधिकार दिए गए।
इसके साथ ही फैसला किया गया कि चन्नी हाईकमान से मिलने का समय लेने के बाद उनकी बात उन तक पहुंचाएंगे। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और चंडीगढ़ से सांसद मनीष तिवारी ने भी एक्स पर पोस्ट डाल इशारों ही इशारों में पार्टी हाईकमान पर पंजाब में टीम गठन के दौरान उनकी अनदेखी की बात कही थी।
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हाईकमान के साथ कोई लड़ाई नहीं- बाजवा
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह, विधायक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़, एनएसयूआइ पंजाब के अध्यक्ष ईशरप्रीत सिंह सिद्धू और पूर्व यूथ कांग्रेस अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी हाईकमान से अपने फैसले से लोगों में निराशा का आलम है। बाजवा ने कहा कि उनकी हाईकमान के साथ कोई लड़ाई नहीं है।
चन्नी को हाईकमान से समय लेने के लिए कहा गया है ताकि उनकी बात को वे हाईकमान के सामने रख सकें। उनकी मांग है कि हाईकमान अपने फैसले पर पुनर्विचार करे ताकि पंजाब में दोबारा कांग्रेस की सरकार बन सके।बैठक से पहले पूर्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ ने कहा कि पंजाब की जनता की पसंद चरणजीत सिंह चन्नी हैं और लोग उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष देखना चाहते थे।
पूर्व विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने राजा वड़िंग के नेतृत्व में काम करने से इनकार करते हुए मांग की कि या तो चन्नी को प्रदेश प्रधान बनाया जाए या फिर पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करे। बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, पूर्व मंत्री गुरकिरत सिंह कोटली, पूर्व सांसद मोहम्मद सदीक के अलावा अन्य नेता मौजूद थे।
आगे क्या
हाईकमान बगावत को रोकने के लिए फैसले पर पुनर्विचार कर सकती है।अगर हाईकमान नहीं मानती तो चन्नी गुट पार्टी छोड़ने का विचार कर सकता है।किसी अन्य पार्टी में जाने की भी घोषणा की जा सकता है। यह पार्टी कौन होगी इस पर बैठक कर एकमत बनाया जा सकता है। इसी तरह चन्नी गुट अलग से पार्टी बनाने पर विचार कर सकता है।
भाजपा में जो भी आएगा उसका स्वागत होगा : ढिल्लोंभाजपा के प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने कांग्रेस में उजागर हुई गुटबाजी पर कहा कि कांग्रेस में ऐसी बातें नई नहीं हैं। चंडीगढ़ में पत्रकारवार्ता के दौरान जब उनसे चन्नी के भाजपा में शामिल होने की संभावना पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि मैं केवल यह कह सकता हूं कि चन्नी ही नहीं, हर उस व्यक्ति का स्वागत है जो पंजाब की उन्नति में योगदान देना चाहता है। उन्होंने कहा कि जो भी भाजपा में आएगा, उसका स्वागत किया जाएगा।
रंधावा की शाह से मुलाकात बनी चर्चा का विषय
मोरिंडा में चन्नी के घर पर कांग्रेस नेताओं के बीच कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई। इस मुलाकात को लेकर कई तरह के कयास लगाए जाने लगे।
हालांकि, बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रंधावा ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि करीब दो महीने पहले उन्होंने गृह मंत्री को पत्र लिखकर पंजाब के सीमावर्ती जिलों में आतंकवाद, गैंगस्टर गतिविधियों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया था।
उसी पत्र के आधार पर उन्हें आज चर्चा के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि हाईकमान ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी है, वह उसी का निर्वहन कर रहे हैं।