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    FBI रिपोर्ट से पंजाब पुलिस में हड़कंप, "ब्लैक शीप" पर नजर; बेनकाब हुआ गैंगस्टर-अफसर नेक्सस

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 07:15 AM (IST)

    विदेशी जांच एजेंसी की रिपोर्ट में गैंग्स्टरों द्वारा पंजाब में कथित तौर पर पुलिस अधिकारियों के इस्तेमाल का दावा किया गया है। रिपोर्ट के बाद एक थाना प् ...और पढ़ें

    ये AI जनरेटेड इमेज है।

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    HighLights

    1. एफबीआई रिपोर्ट ने पंजाब पुलिस-गैंगस्टर सांठगांठ का खुलासा किया।

    2. होशियारपुर एसएचओ गुरिंदरजीत नागरा पर लगे गंभीर आरोप।

    3. पंजाब पुलिस ने मामले की फैक्ट फाइंडिंग जांच शुरू की।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पंजाब पुलिस में ब्लैक शीप (दागी पुलिसकर्मियों) का मुद्दा विधानसभा तक पहुंच चुका है, लेकिन गैंग्सटरों से कथित सांठगांठ के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। अब अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की आपरेशन हार्ड बाल रिपोर्ट ने पंजाब पुलिस-गैंग्सटर नेक्सस को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    एफबीआई का दावा है कि विदेशों में बैठे गैंग्सटर पंजाब में अपने जबरन वसूली और संगठित अपराध के नेटवर्क को संचालित करने के लिए पुलिस अधिकारियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में होशियारपुर के टांडा थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने उन्हें लाइन हाजिर कर मामले की फैक्ट फाइंडिंग जांच शुरू कर दी है।

    हालांकि राज्य सरकार की ओर से ब्लैक शीप पर कार्रवाई करने के लिए बीते समय में 10 हजार से ज्यादा पुलिस कर्मचारियों के तबादले किए थे जोकि दो दशक से भी ज्यादा एक ही थाने में तैनात थे। वहीं 100 से ज्यादा पुलिस कर्मचारियों व अधिकारियों को पिछले चार साल में बर्खास्त किया गया है।

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    गैंगस्टर-पुलिस गठजोड़ की होगी जांच

    एफबीआई के अनुसार नागरा पर कुख्यात गैंग्सटर जग्गू भगवानपुरिया के सिंडिकेट के लिए कथित तौर पर जबरन वसूली नेटवर्क में भूमिका निभाने के आरोप हैं। आरोप है कि लोगों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसे वसूले जाते थे। पंजाब पुलिस ने मामले की जांच डीआईजी जालंधर रेंज की निगरानी में शुरू कर दी है।

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    जांच पूरी होने तक नागरा को पुलिस लाइन भेज दिया गया है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। यह पहला मामला नहीं है, जब पंजाब पुलिस के किसी अधिकारी का नाम गैंग्सटरों से कथित संबंधों को लेकर सामने आया हो।

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    इंटरव्यू विवाद में डीएसपी का आया था नाम

    इससे पहले डीएसपी गुरशेर सिंह संधू पर जेल में बंद गैंग्सटर लारेंस बिश्नोई का विवादित इंटरव्यू कराने या उसमें मदद करने के आरोप लगे थे। यह इंटरव्यू पुलिस हिरासत के दौरान वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए हुआ था। मामला सामने आने के बाद उनके खिलाफ बर्खास्तगी की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

    बटाला में तैनात एएसआई सुरजीत सिंह को अमेरिका में बैठे गैंग्सटर गुरदेव जस्सी से जुड़े कथित जबरन वसूली नेटवर्क में धन के लेन-देन और नेटवर्क को सहयोग देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

    दागी और फरार पुलिसकर्मियों पर गाज

    साल 2022 में फिरोजपुर नारकोटिक्स कंट्रोल सेल के इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह बाजवा, एएसआई अंग्रेज सिंह और हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह को दो निर्दोष लोगों को फर्जी एनडीपीएस मामले में फंसाकर लाखों रुपये की वसूली करने का दोषी पाए जाने पर संविधान के अनुच्छेद 311(2) के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था।

    पूर्व एआईजी राजजीत सिंह का मामला भी लंबे समय से चर्चा में है। नशा तस्करी से जुड़े मामलों में जांच के दायरे में आने के बाद वह पिछले करीब चार वर्षों से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है और आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं है कि वह कहां हैं। इसके अलावा विभिन्न मामलों में इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह सहित कई अन्य पुलिस अधिकारियों के नाम भी गैंग्सटरों या संगठित अपराध से जुड़े मामलों में सामने आ चुके हैं।

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