हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल टली, अनिल विज के भरोसे पर माने अधिकारी; अब नहीं होगी बत्ती गुल
बिजली कर्मचारियों ने ऊर्जा मंत्री अनिल विज से बैठक के बाद अपनी तीन दिवसीय हड़ताल 10 अक्टूबर तक टाल दी है। ...और पढ़ें
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हरियाणा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल टली।
HighLights
बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल 10 अक्टूबर तक टली।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली निजीकरण का विरोध किया।
स्मार्ट मीटर लगवाना अब उपभोक्ताओं की मर्जी पर निर्भर करेगा।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मांगों को लेकर आक्रामक हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा को आखिर बिजली मंत्री अनिल विज मनाने में कामयाब रहे। सोमवार को पांच घंटे चली बैठक में विज ने स्पष्ट किया कि हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा को विश्वास में लिये बिना सरकार एग्रीकल्चर डिस्काम पर आगे नहीं बढ़ेगी।
निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस और स्मार्ट मीटरिंग के टेंडर के विरोध पर भी वे मोर्चा पदाधिकारियों से सहमत दिखे। इसके बाद संयुक्त एक्शन कमेटी ने 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित तीन दिवसीय हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी।
बैठक में सरकार की ओर से ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशिमा बराड़, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य दहिया, उत्तर व दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह तथा मोर्चा की ओर से चेयरमैन देवेंद्र सिंह हुड्डा, सुरेश राठी, पुनीत कुंडू सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपना पक्ष रखा।
गुरुग्राम-नूंह क्षेत्र में समानांतर लाइसेंस के मुद्दे पर विज ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा विभाग ने इस प्रस्ताव का शुरू से ही विरोध किया है। एग्री डिस्काम के गठन को लेकर अभी तक विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई प्रारंभ नहीं हुई है। इसके अलावा स्मार्ट मीटरों की खरीद के लिए कोई नया टेंडर जारी नहीं किया गया है। हालांकि स्मार्ट मीटर को लगाने के लिए प्रीपेड व पोस्टपेड का विकल्प उपभोक्ताओं हेतु खुला रहेगा।
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चारों बिजली निगमों में विभिन्न पदों के पुनः सृजन हेतु एक प्रस्ताव शीघ्र ही रेशनलाइजेशन कमीशन को भेजा जाएगा। जूनियर इंजीनियर से नीचे के तकनीकी पदों को फिलहाल आनलाइन स्थानांतरण नीति से बाहर रखा जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिया है।
मेडिकल कैशलेस व मेडिक्लेम संबंधी सुविधा को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ जल्द ही बैठक की जाएगी। डीसी रेट पर लगे कर्मचारियों को हरियाणा कौशल रोजगार निगम के समानांतर वेतन देने के लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा जाएगा।
जोखिम भरे कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिस्क भत्ता देने के लिए कमेटी बनाई जाएगी जो निर्धारित अवधि के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। इलेक्ट्रिसिटी भत्ते को लेकर दूसरे राज्यों की नीति का अध्ययन किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में मिलने वाले एक्सग्रेशिया लाभों के लिए पांच साल नौकरी की शर्त हटाने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है।
जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति में 50 प्रतिशत कोटा बढ़ाने पर विचार
बैठक में जूनियर इंजीनियरों की पदोन्नति में 35 प्रतिशत कोटा को 50 प्रतिशत तक करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस संबंध में अध्ययन किया जाएगा और कर्मचारी प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। काडर आधारित एसीपी का मामला विभाग की आंतरिक कमेटी में रखा जाएगा।