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दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट को मंजूरी, जमीन अधिग्रहण तेज; NHAI ने मांगे नए रेट्स पर सुझाव

Published: Tue, 01 Sep 2026 01:57 PM (IST)

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट को मंजूरी मिलने के बाद नकोदर से अमृतसर के बीच 99 किमी हिस्से में जमीन अधिग्रहण तेज हो गया है।

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट को मंजूरी (फाइल फोटो)

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट को मंजूरी (फाइल फोटो)

रोहित कुमार, चंडीगढ़। दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के संशोधित रूट को मंजूरी मिलने के बाद पंजाब में परियोजना से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नकोदर से अमृतसर के बीच करीब 99 किलोमीटर लंबे हिस्से के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इस हिस्से में आने वाली जमीन के लिए नए सिरे से मुआवजा तय किया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने प्रभावित जमीन मालिकों से सुझाव और एतराज मांगे हैं। इसके बाद नियमानुसार अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

दिल्ली से कटरा तक प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 670 किलोमीटर है। परियोजना को अलग-अलग हिस्सों में विकसित किया जा रहा है। पंजाब में नकोदर से अमृतसर के बीच के हिस्से में संशोधित योजना के कारण रूट में बदलाव किया गया है।

इसी बदलाव के चलते कुछ क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी पड़ी है। एनएचएआइ की ओर से प्रभावित लोगों को जमीन और मुआवजे से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाते हुए उनकी राय भी ली जा रही है।

जमीन मालिकों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका

अधिग्रहण की प्रक्रिया में आने वाले जमीन मालिकों के लिए निर्धारित नियमों के तहत अपनी बात रखने का अवसर रखा गया है। यदि किसी जमीन मालिक को अधिग्रहण, जमीन के विवरण या प्रस्तावित मुआवजे को लेकर आपत्ति है तो वह संबंधित स्तर पर अपना दावा या एतराज दर्ज करा सकता है।

प्राप्त आपत्तियों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जमीन मालिकों से उनकी जमीन के संबंध में जरूरी दस्तावेज और विवरण भी मांगे जा सकते हैं।
संशोधित योजना में अमृतसर तक एक्सप्रेसवे पहुंचाने के मार्ग में बदलाव किया गया है। नकोदर से अमृतसर के बीच करीब 99 किलोमीटर का हिस्सा इसी योजना का महत्वपूर्ण भाग है।

नए मार्ग के अनुसार जिन क्षेत्रों की जमीन परियोजना में शामिल हुई है, वहां अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे लंबे समय से परियोजना के मार्ग और जमीन अधिग्रहण को लेकर चल रही स्थिति अब स्पष्ट होने की दिशा में है।

2027-28 तक जोड़ने का लक्ष्य

दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे को वर्ष 2027-28 तक पूरी तरह जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। हरियाणा में करीब 135 किलोमीटर हिस्से का काम पूरा हो चुका है। पंजाब में भी अलग-अलग हिस्सों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ चुकी है।

परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से अमृतसर और आगे कटरा तक सड़क संपर्क बेहतर होगा। इससे यात्रियों और माल परिवहन को भी अपेक्षाकृत तेज मार्ग मिलने की उम्मीद है।