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    कांग्रेस हाईकमान का दो टूक संदेश, वड़िंग ही रहेंगे पंजाब के अध्यक्ष; बैकफुट पर चन्नी गुट

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 01:44 PM (GMT+05:30)

    पंजाब कांग्रेस में 15 दिनों से चला आ रहा नेतृत्व विवाद थम गया है। हाईकमान ने स्पष्ट कर दिया है कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंग ...और पढ़ें

    पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर वड़िंग बरकरार, चन्नी गुट ने मानी हाईकमान की बात।

    पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर वड़िंग बरकरार, चन्नी गुट ने मानी हाईकमान की बात।

    HighLights

    1. हाईकमान ने वड़िंग को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बरकरार रखा

    2. चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने हाईकमान का फैसला माना

    3. पार्टी का फोकस अब संगठनात्मक एकजुटता पर रहेगा

    राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में पिछले करीब 15 दिनों से चला आ रहा नेतृत्व विवाद फिलहाल थमता नजर आ रहा है। नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ हुई बैठक के बाद हाईकमान ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थकों को स्पष्ट संकेत दे दिया कि पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर किसी तरह का बदलाव नहीं होगा। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे।

    बैठक के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी सार्वजनिक तौर पर कहा कि उनके लिए पार्टी सर्वोपरि है और हाईकमान का फैसला अंतिम होगा। उन्होंने राहुल गांधी को अपना नेता बताते हुए कहा कि संगठन के निर्णय का पूरी तरह सम्मान किया जाएगा। इससे पहले चन्नी और उनके समर्थक पिछले 15 दिनों से वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग को लेकर खुलकर मोर्चा खोले हुए थे।

    पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने भी अपने चंडीगढ़ दौरे के दौरान साफ कर दिया था कि प्रदेश अध्यक्ष नहीं बदला जाएगा। दौरे के अंतिम दिन चन्नी गुट ने राणा गुरजीत सिंह के आवास पर बैठक कर वड़िंग को हटाने की मांग दोहराई थी। उस बैठक में 70 से 80 कांग्रेस नेताओं ने हिस्सा लिया था। हालांकि हाईकमान के स्पष्ट रुख के बाद विरोधी खेमे के लिए राजनीतिक विकल्प सीमित हो गए हैं।

    सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चन्नी गुट से अलग से मुलाकात नहीं की। अब संसद सत्र के दौरान चन्नी और राहुल गांधी की संभावित मुलाकात की चर्चा है। वहीं, विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर राहुल गांधी के जल्द पंजाब दौरे की भी संभावना जताई जा रही है।

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    हाईकमान के सख्त संदेश के बाद अब पार्टी का पूरा फोकस संगठनात्मक एकजुटता और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर रहेगा। माना जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि व्यक्तिगत खींचतान के बजाय संगठन को मजबूत करना ही कांग्रेस की प्राथमिकता होगी।