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80वें स्वतंत्रता दिवस पर चंडीगढ़ के लिए बड़ी चुनौती; जानिये किन मुद्दों से शहरवासी चाहते हैं 'आजादी'

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Updated: Sat, 15 Aug 2026 07:24 PM (IST)

80वें स्वतंत्रता दिवस पर भी चंडीगढ़ के सामने कई चुनौतियां नजर आईं। प्रदूषण, अपराध, नशाखोरी, भ्रष्टाचार और पार्किंग जैसी समस्याओं से शहर को 'आजादी' का इंतजार है।

दमघोंटू होती हवा, बढ़ता अपराध और गैंगवार, नशे का फैलता कारोबार, भ्रष्टाचार और पार्किंग जैसी समस्याएं शहर की व्यवस्था पर सवाल।

दमघोंटू होती हवा, बढ़ता अपराध और गैंगवार, नशे का फैलता कारोबार, भ्रष्टाचार और पार्किंग जैसी समस्याएं शहर की व्यवस्था पर सवाल।

HighLights

  1. दमघोंटू हवा, पराली और वाहनों से बढ़ता प्रदूषण चिंताजनक।

  2. अपराध, गैंगवार, नशाखोरी और भ्रष्टाचार बड़ी चुनौतियां।

  3. पार्किंग की समस्या से शहरवासी परेशान, समाधान जरूरी।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। 80वां स्वतंत्रता दिवस शनिवार को देशभर में धूमधाम से मनाया गया। आजादी के इस पर्व पर चंडीगढ़ तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया, लेकिन कई ऐसी चुनौतियां हैं जिनसे शहरवासियों को अब तक पूरी तरह आजादी नहीं मिल सकी है।

दमघोंटू होती हवा, बढ़ता अपराध और गैंगवार, नशे का फैलता कारोबार, भ्रष्टाचार और पार्किंग जैसी समस्याएं शहर की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर सवाल यही है कि आखिर इन समस्याओं से शहर को कब आजादी मिलेगी।

प्रदूषण से आजादी कब?

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चंडीगढ़ की हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। पंचकूला, मोहाली, खरड़, न्यू चंडीगढ़ और जीरकपुर की ओर से करीब तीन लाख वाहन रोजाना चंडीगढ़ आते-जाते हैं। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के साथ प्रदूषण भी बढ़ता है।

पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने का असर भी शहर की हवा पर पड़ता है। पराली के धुएं और स्थानीय प्रदूषण के कारण कई बार शहर का एक्यूआइ 350 से 400 तक पहुंच जाता है। साफ हवा के लिए ठोस और स्थायी कदम उठाने की जरूरत है।

अपराध और गैंगवार कब खत्म होगा?

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शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। इसी साल हत्या की कई वारदातें हो चुकी हैं। पांच महीने पहले सेक्टर-9 में प्रापर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुबाहेड़ी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई।

कुछ दिन बाद पीयू में गोली चली। फिर सेक्टर-37 में पंजाब भाजपा कार्यालय पर ग्रेनेड से हमला हुआ। दो महीने पहले सेक्टर-11 की मार्केट में दिनदिहाड़े मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।

नशाखोरी से कैसे छुटकारा मिलेगा?

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2026 में चंडीगढ़ में नशे की तस्करी के कई बड़े मामले सामने आए हैं। तीन जनवरी को सेक्टर-46 में 21.66 ग्राम हेरोइन के साथ युवक पकड़ा गया। जनवरी में चंडीगढ़ से जुड़े नेटवर्क में 10.1 ग्राम आइस बरामद हुई।

फरवरी में सेक्टर-39 में अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए एक किलो से अधिक हेरोइन बरामद की गई और पांच आरोपित गिरफ्तार हुए। 12 जून को एनसीबी और चंडीगढ़ पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान से जुड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

भ्रष्टाचारियों से आजादी कब?

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शहर में भ्रष्टाचार भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। कहीं नौकरी लगाने के नाम पर तो कहीं सरकारी फाइल आगे बढ़ाने के लिए रिश्वत मांगने की शिकायतें सामने आती हैं। इसी महीने सीबीआई ने बापूधाम पुलिस चौकी के इंचार्ज सुरेश कुमार और एएसआई भगत सिंह को एफआईआर दर्ज करने के एवज में ढाई लाख रुपये रिश्वत लेते पकड़ा।

इस साल भ्रष्टाचार के आरोपों में अन्य अधिकारी भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई की जद में आए हैं। पिछले साल पंजाब पुलिस के डीआईजी को भी सीबीआई ने पकड़ा था। उनके घर से साढ़े सात करोड़ रुपये नकद बरामद होने की बात सामने आई थी।

पार्किंग समस्या का समाधान होगा या नहीं?

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शहर में पार्किंग की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। बाजारों और व्यस्त इलाकों में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से वाहन सड़कों पर खड़े किए जाते हैं। इससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने के साथ लोगों को भी परेशानी होती है। बढ़ते वाहनों के बीच पार्किंग के लिए दीर्घकालिक और व्यावहारिक योजना की जरूरत है।