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    चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर रामरत्न, SI सत्यवान पर चलेगा सबूत मिटाने का केस; छेड़छाड़ के आरोपित को बचाने की रची थी साजिश

    By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:57 PM (GMT+05:30)

    चंडीगढ़ में इंस्पेक्टर रामरत्न और एसआई सत्यवान की मुश्किलें बढ़ गई हैं। छेड़छाड़ के आरोपित को बचाने के लिए सबूत मिटाने का केस चलेगा। सीबीआई कोर्ट ने उ ...और पढ़ें

    सबूत गायब करने के आरोप में इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा बुरी तरह फंसे।

    सबूत गायब करने के आरोप में इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा बुरी तरह फंसे।

    HighLights

    1. आईफोन-12 की जगह आईफोन-7 बदल दिया।

    2. सीबीआई कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया।

    3. आरोपितों के खिलाफ गैर-जमानती धाराएं जोड़ीं।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। छेड़छाड़ केस में सबूत गायब करने के आरोप में इंस्पेक्टर रामरत्न शर्मा बुरी तरह फंस गए हैं। सीबीआई की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट कोर्ट में उनके खिलाफ सबूत मिटाने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और विश्वासघात जैसे आरोपों में मुकदमा चलेगा।

    कोर्ट ने इन आरोपों के तहत दायर की गई सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। कोर्ट ने उन्हें बतौर आरोपित पेश होने के लिए तलब किया है। मामले की सुनवाई 25 अगस्त को होगी। इस मामले में उनके साथ एक सब-इंस्पेक्टर सत्यवान और शहर के एक बड़े माॅल के पूर्व जीएम अनिल मल्होत्रा को भी आरोपित बनाया गया है।

    चार अप्रैल 2022 को इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर अनिल मल्होत्रा के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। पुलिस ने मल्होत्रा को गिरफ्तार कर उसका आइफोन-12 कब्जे में ले लिया। 

    आरोप है कि इंस्पेक्टर रामरत्न और सब-इंस्पेक्टर सत्यवान ने अनिल मल्होत्रा को बचाने की साजिश रची। पुलिस ने मल्होत्रा से आईफोन-12 जब्त किया था, जिसमें कई ऐसे सबूत थे जिनसे वह बुरी तरह फंस रहे थे।

    आरोप है कि इन पुलिस अधिकारियों ने बेहद चालाकी के साथ केस फाइल से आईफोन-12 को निकाल दिया और उसकी जगह आईफोन-7 रख दिया। सीबीआई ने लंबी जांच के बाद दो साल पहले रामरत्न, सत्यवान और अनिल मल्होत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

    कोर्ट ने जोड़ी गैर जमानती धारा

    आरोपित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती धारा भी जोड़ दी है। सीबीआई की चार्जशीट में पहले आईपीसी धारा 409 यानी लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात नहीं थी, लेकिन इसे अब केस में जोड़ दिया गया है।

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    यह गैर जमानती धारा है, इसलिए आरोपितों को अब गिरफ्तारी का डर हो गया जिस कारण दोनों पुलिस अधिकारियों ने सीबीआई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर कर दी है जिस पर 11 अगस्त को सुनवाई होगी।

    कोर्ट ने इन धाराओं के तहत लिया संज्ञान

    आईपीसी- 120बी : साजिश रचना
    आईपीसी- 193 : झूठे सबूत तैयार करना
    आईपीसी - 201 : सबूतों को नष्ट करना
    आईपीसी - 204 : दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को छिपाना
    आईपीसी - 218 : लोक सेवक द्वारा किसी को बचाने के लिए फर्जी रिकॉर्ड तैयार करना
    आईपीसी - 409 : लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात
    आईपीसी - 405 : विश्वासघात