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    चंडीगढ़ पुलिस में इंचार्ज का संकट, थाने-चौकियां खाली; कुर्सी संभालने के लिए 'बेदाग' अफसरों की तलाश

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 11:32 AM (IST)

    चंडीगढ़ पुलिस में थानों और चौकियों में स्थायी इंचार्ज का संकट गहरा गया है, कई पद खाली पड़े हैं। विभाग 'बेदाग' और योग्य अधिकारियों की तलाश में है, लेकि ...और पढ़ें

    आखिर इन खाली कुर्सियों पर बैठेगा कौन?

    आखिर इन खाली कुर्सियों पर बैठेगा कौन?

    HighLights

    1. चंडीगढ़ पुलिस में थानों-चौकियों में इंचार्ज के पद खाली।

    2. स्थायी इंचार्ज न होने से अतिरिक्त प्रभार से चल रहा काम।

    3. विभाग 'बेदाग' और साफ छवि वाले अफसरों की तलाश में।

    मनोज बिष्ट, चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस में इन दिनों एक अजीब स्थिति बनी हुई है। थाने हैं, चौकियां हैं, पुलिस बल भी है, लेकिन कई जगह स्थायी इंचार्ज की कुर्सी खाली पड़ी है। विभाग के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन खाली कुर्सियों पर बैठेगा कौन, हालात यह हैं कि कुछ थानों और पुलिस चौकियों में अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देकर काम चलाया जा रहा है।

    वहीं, जिन अधिकारियों को थाने की कमान देने पर विचार किया जा सकता है, उनके नामों को लेकर विभागीय स्तर पर मंथन चल रहा है। ऐसे में पुलिस की कमान संभालने के लिए ‘दाग रहित’ चेहरों की तलाश आसान नहीं दिख रही।

    थानों और चौकियों में तैनाती को लेकर विभाग में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर काफी समय से चर्चा चल रही है। यहां तक कि पुलिस महकमे में लंबे समय तक सेवाएं दे चुके एक रिटायर्ड डीएसपी की सलाह भी ली गई, ताकि साफ छवि और बेहतर रिकाॅर्ड वाले अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा सके। हालांकि, यह कवायद भी फिलहाल खाली पड़ी कुर्सियों का समाधान नहीं कर पाई है।

    कुर्सी खाली क्यों, सवाल बड़ा

    पुलिस महकमे में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जिन अधिकारियों को थाना या चौकी का प्रभार सौंपा जाना है, उनमें से कई के नाम पर कोई न कोई विवाद या विभागीय दाग सामने आ जाता है।

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    दूसरी तरफ, जिन अधिकारियों की छवि अपेक्षाकृत साफ है, उनकी संख्या सीमित है या फिर उन्हें पहले से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हुई हैं। यानी इंचार्ज की कुर्सी है, लेकिन ‘बे-दाग चेहरा’ तलाशना चुनौती बन गया है।

    ‘क्लीन इमेज’ वाले अफसरों की तलाश

    विभाग के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ खाली थानों और चौकियों में तुरंत इंचार्ज तैनात करने हैं, दूसरी तरफ यह भी सुनिश्चित करना है कि कमान ऐसे अधिकारी को मिले जिसकी ईमानदारी, नेतृत्व क्षमता और पुलिसिंग रिकार्ड पर सवाल न हों। आने वाले दिनों में कई थानों और चौकियों में नई तैनाती होगी।