चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में बड़ा खेल, हाॅस्टल की फीस निजी खातों में ट्रांसफर; पूर्व डीईओ पर FIR
चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पेक) में हॉस्टल फीस को निजी खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में पूर्व डेटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार के खिलाफ केस ...और पढ़ें

पंजाब इंजीनियरिंग काॅलेज के हाॅस्टल से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर मामला सामने आया।
HighLights
पेक हॉस्टल फीस निजी खातों में ट्रांसफर का मामला।
पूर्व डेटा एंट्री ऑपरेटर मुकेश कुमार पर एफआईआर।
पुलिस ने बैंक खातों की गहन जांच शुरू की।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सेक्टर-12, पंजाब इंजीनियरिंग काॅलेज (पेक) के हाॅस्टल से जुड़े वित्तीय लेनदेन को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। हाॅस्टल छात्रों की फीस पेक के आधिकारिक खाते में जमा कराने के बजाय निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करने के आरोप में पुलिस ने काॅलेज के पूर्व डाटा एंट्री ऑपरेटर (डीईओ) मुकेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सेक्टर-11 थाना पुलिस ने पेक के रजिस्ट्रार संजीव की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें हाॅस्टल छात्रों से जुड़ी रकम जमा होने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक मुकेश कुमार वर्ष 2014 से पेक में डीइओ के तौर पर आउटसोर्स एजेंसी एसपीआईसी चंडीगढ़ के माध्यम से काम कर रहा था।
वह काॅलेज के चार बॉयज हाॅस्टल से जुड़े अकाउंट संबंधी कार्य देखता था। हाॅस्टल छात्रों से हॉस्टल फीस और मेस फीस के रूप में मिलने वाली रकम को पेक के आधिकारिक खाते में जमा कराने के बजाय मुकेश कुमार और उसके परिवार के सदस्यों के निजी बैंक खातों में जमा कराया गया।
पेक की शिकायत में कुछ बैंक खातों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक की पेक शाखा और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सेक्टर-31सी तथा रामदरबार शाखाओं के खाते शामिल बताए गए हैं। अब पुलिस इन खातों के बैंक स्टेटमेंट खंगालेगी। छात्रों से ली गई फीस, खाते में जमा हुई रकम, भुगतान की तारीख और उसके बाद रकम के इस्तेमाल का मिलान किया जाएगा।
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पेक प्रशासन ने पुलिस से संबंधित बैंक खातों को फ्रीज कराने का अनुरोध किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान यदि मुकेश कुमार या उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर अन्य बैंक खाते सामने आते हैं तो उनकी भी जांच की जाए।
पेक प्रशासन के अनुसार, वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अनियमितता का मामला सामने आने के बाद मुकेश कुमार को तत्काल प्रभाव से रिलीव कर दिया गया था। पुलिस का कहना है कि मामला शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है और आरोपों की जांच जारी है। बैंक रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही वित्तीय अनियमितता की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।