चंडीगढ़ में किसी भी विभाग के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, 124 ऑफलाइन सेवाएं भी होंगी ऑनलाइन; प्रशासक का आदेश
चंडीगढ़ प्रशासन की 124 ऑफलाइन सेवाओं को जल्द ही ऑनलाइन किया जाएगा। इससे नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने ...और पढ़ें

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मौजूदगी में चंडीगढ़ सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की गई।
HighLights
चंडीगढ़ की 124 ऑफलाइन सेवाएं जल्द होंगी ऑनलाइन।
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने दिए तत्काल निर्देश।
नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्मार्टसिटी में आने वाले समय में लोगों को किसी भी काम के लिए किसी भी विभाग के दफ्तरों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सभी सेवाएं ऑनलाइन होंगी।
प्रशासन के 35 विभागों की 556 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित की गई हैं। इनमें से 432 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जबकि 124 सेवाएं अभी भी ऑफलाइन माध्यम से दी जा रही हैं।
अब इन सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने की तैयारी है। पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अधिकारियों को बची हुई 124 सेवाओं को भी जल्द ऑनलाइन उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं।
प्रशासक ने चंडीगढ़ सेवा का अधिकार आयोग की वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की। इस अवसर पर आयोग के मुख्य आयुक्त डॉ. महावीर सिंह ने आयोग के कामकाज और सेवा वितरण व्यवस्था को लेकर प्रस्तुति दी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन के 35 विभागों की कुल 556 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत अधिसूचित हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इनमें 432 सेवाएं ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि 124 सेवाओं के लिए नागरिकों को अभी ऑफलाइन प्रक्रिया का सहारा लेना पड़ता है।
प्रशासक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन शेष सेवाओं को भी ऑनलाइन करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कटारिया ने सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में और अधिक सेवाओं को शामिल करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को यह जानकारी होनी चाहिए कि कौन-कौन सी सेवाएं अधिसूचित हैं और उन्हें प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या है। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।
कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव विवेक प्रताप सिंह, गृह सचिव मनदीप सिंह बराड़, वित्त सचिव दीप्रवा लाकड़ा, डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी, कार्मिक सचिव स्वप्निल एम. नाइक, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, एसएसपी कंवरदीप कौर और आयोग के सदस्य-सचिव राजीव तिवारी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
