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ऊंची इमारतों पर आपत्ति, पार्किंग और पानी-सीवरेज की चिंता; मास्टर प्लान में बदलावों पर चंडीगढ़वासियों की राय

Published: Thu, 08 Oct 2026 05:10 PM (IST)

चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों पर शहरवासियों ने बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना आवासीय घनत्व और इमारतों ...और पढ़ें

चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों पर लोगों ने दी राय। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों पर लोगों ने दी राय। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. चंडीगढ़ मास्टर प्लान संशोधन पर निवासियों ने गहरी चिंता व्यक्त की।

  2. बुनियादी ढांचे के बिना इमारतों की ऊंचाई, घनत्व बढ़ाने पर सवाल।

  3. ट्रैफिक, पार्किंग, पानी, सीवरेज, पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के मास्टर प्लान में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर शहरवासियों ने स्क्रीनिंग कमेटी के सामने दिए प्रतिनिधित्वों में बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना आवासीय घनत्व और इमारतों की ऊंचाई बढ़ाने पर सवाल उठाए हैं।

लोगों की मुख्य चिंता ट्रैफिक, पार्किंग, पानी, सीवरेज, पर्यावरण और चंडीगढ़ के निचली ऊंचाई वाले नियोजन चरित्र को लेकर है। हालांकि कुछ लोगों ने आवास की जरूरत और भूमि के बेहतर उपयोग के लिए अधिक घनत्व का समर्थन भी किया है।

फेज-2 में सरकारी आवास सहित ग्रुप हाउसिंग में अधिक घनत्व के प्रस्ताव पर तीन प्रतिनिधित्व समर्थन में और 16 विरोध में आए। आपत्ति जताने वालों ने कहा कि स्टिल्ट पार्किंग को ऊंचाई की गणना से अलग रखने पर आवासीय इकाइयों, आबादी और वाहनों की संख्या बढ़ सकती है। स्टिल्ट प्लस चार मंजिल के प्रारूप को भी कुछ लोगों ने शहर के मूल स्वरूप के विपरीत बताया।

पर्यावरणीय दबाव का मुद्दा उठाया

फेज-3 में एफएआर 1.2 से बढ़ाकर 3.0 करने और 98 फीट 5 इंच तक ऊंचाई की अनुमति के प्रस्ताव पर तीन समर्थन और 24 आपत्तियां मिलीं। लोगों ने ट्रैफिक, पार्किंग, पानी-सीवरेज क्षमता और पर्यावरणीय दबाव का मुद्दा उठाया। कुछ ने तीन एकड़ के बजाय एक एकड़ की न्यूनतम साइट सीमा बनाए रखने का सुझाव दिया।

मलोया में 178 एकड़ के प्रस्तावित आवासीय विकास पर एक समर्थन और 13 विरोध में प्रतिनिधित्व आए। लोगों ने हरित क्षेत्र और पारिस्थितिक बफर प्रभावित होने की आशंका जताई।

आईटी हैबिटेट में प्लॉटेड विकास पर एक समर्थन और चार आपत्तियां आईं। वहीं मनीमाजरा में स्टिल्ट प्लस पांच ग्रुप हाउसिंग के प्रस्ताव पर एक समर्थन और नौ आपत्तियां मिलीं।

लोगों ने कहा कि मनीमाजरा जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ऊंचाई बढ़ाने से पहले पानी, सीवरेज, ड्रेनेज, बिजली और पार्किंग क्षमता का तकनीकी आकलन जरूरी है।

संशोधनों को हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी से मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन प्रस्ताव सक्षम प्राधिकारियों की स्वीकृति के इंतजार में हैं। सामाजिक कार्यकर्ता आरके गर्ग ने प्रस्तावों और आपत्तियों पर अधिक पारदर्शी बहस की मांग की।

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