चंडीगढ़ में लगातार बढ़ रही LPG की मांग, 4 साल में 21 हजार से ज्यादा नए कनेक्शन; खपत का आंकड़ा कर देगा हैरान
चंडीगढ़ में पिछले चार सालों में 21 हजार से अधिक नए एलपीजी कनेक्शन जुड़े हैं। इससे उपभोक्ताओं की संख्या 3 लाख के पार हो गई है। शहर में एलपीजी की खपत रा ...और पढ़ें

चार साल में 21,578 नए घरेलू एलपीजी उपभोक्ता जुड़े।
HighLights
संसद में सामने आया आंकड़ा, केंद्र सरकार ने दी जानकारी।
शहर में एलपीजी की खपत राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा।
उपभोक्ताओं की संख्या 2.86 लाख से बढ़कर 3.08 लाख हुई।
राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। शहर में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की मांग लगातार बढ़ रही है। लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि शहर में चार साल में 21,578 नए घरेलू एलपीजी उपभोक्ता जुड़े हैं।
1 अप्रैल 2022 को शहर में 2,86,442 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता थे, जो 1 अप्रैल 2026 को बढ़कर 3,08,020 हो गए। इस दौरान उपभोक्ताओं की संख्या में करीब 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के जवाब के अनुसार शहर में एलपीजी उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2023 में 2,87,723, 2024 में 3,00,133 और 2025 में 3,06,663 रही। आंकड़ों से स्पष्ट है कि शहर में घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शहर में राष्ट्रीय औसत से ज्यादा एलपीजी खपत
एलपीजी खपत के मामले में भी चंडीगढ़ राष्ट्रीय औसत से आगे है। वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों ने चंडीगढ़ में औसतन 7.2 सिलिंडर सालाना इस्तेमाल किए, जबकि राष्ट्रीय औसत 4.8 सिलेंडर रहा।
गैर-उज्ज्वला उपभोक्ताओं की औसत खपत 9.6 सिलिंडर रही, जबकि राष्ट्रीय औसत 6.8 सिलेंडर था। यानी सामान्य उपभोक्ता उज्ज्वला लाभार्थियों की तुलना में औसतन 2.4 सिलेंडर अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं।
पंजाब-हरियाणा में उपभोक्ता कई गुना ज्यादा
साल 2022 के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 91,60,891 और हरियाणा में 74,75,277 घरेलू एलपीजी उपभोक्ता थे। दिल्ली में 51,53,568, जम्मू-कश्मीर में 34,75,859 और हिमाचल प्रदेश में 21,14,690 उपभोक्ता थे। राजस्थान में यह संख्या 1.71 करोड़ और उत्तर प्रदेश में 4.52 करोड़ से अधिक थी।
देश में 33.13 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता
केंद्र सरकार के अनुसार एक जुलाई 2026 तक देश में 33.13 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता थे। इनमें 10.58 करोड़ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के कनेक्शन शामिल हैं। सरकार ने बताया कि घरेलू एलपीजी को गरीब और मध्यम वर्ग के लिए किफायती बनाए रखने के लिए तेल विपणन कंपनियों को मुआवजा दिया जा रहा है।
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वित्त वर्ष 2022-23 में इसके लिए 22 हजार करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया था। वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 में 30 हजार करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान किया गया है। 30 जून 2026 तक सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों की घरेलू एलपीजी पर संचित अंडर-रिकवरी 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है।
आपूर्ति संकट के बीच भी जारी रही सप्लाई
पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संकट के बीच एलपीजी आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी थी। केंद्र सरकार के अनुसार एक मार्च 2026 से 18 करोड़ से अधिक घरेलू गैस सिलिंडर वितरित किए गए।
ऑनलाइन बुकिंग का हिस्सा करीब 97 प्रतिशत पहुंच गया था। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी घरेलू एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बताते हुए लोगों से घबराकर अतिरिक्त सिलिंडर बुक या स्टाक नहीं करने की अपील की थी।
उज्ज्वला और सामान्य एलपीजी उपभोक्ता में कितना अंतर
- उज्ज्वला उपभोक्ता: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत पात्र गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन दिया जाता है।
- गैर-उज्ज्वला उपभोक्ता ऐसे सामान्य घरेलू एलपीजी ग्राहक, जिनका कनेक्शन प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत नहीं है।