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    चंडीगढ़ में होटल ताज के बाहर अचानक बजने लगा सायरन, सुरक्षा एजेंसियों ने की मॉक ड्रिल; 15 अगस्त से पहले हाई अलर्ट

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 03:14 PM (IST)

    चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित ताज होटल के बैंक्वेट हॉल के पास सोमवार को अचानक सायरन बजने लगा। ऑपरेशंस सेल के कमांडो ने घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित स्था ...और पढ़ें

    बम डिटेक्शन स्क्वाॅयड और डॉग स्क्वाॅयड ने होटल परिसर में तलाशी अभियान चलाया।

    बम डिटेक्शन स्क्वाॅयड और डॉग स्क्वाॅयड ने होटल परिसर में तलाशी अभियान चलाया।

    HighLights

    1. कमांडो ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

    2. स्वतंत्रता दिवस सुरक्षा तैयारियों की मॉक ड्रिल।

    3. पुलिस-एजेंसियों ने त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास किया।

    जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्वतंत्रता दिवस से पहले चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए सोमवार को मॉक ड्रिल की गई। सेक्टर-17 स्थित ताज होटल के बैंक्वेट हॉल के पास डमी बम की सूचना पर सायरन बजे लगा। पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई। देखते ही देखते कमांडो ने इलाके को घेर लिया गया और होटल परिसर को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

    कुछ ही देर बाद सारा राज खुल गया, जिससे लोग हैरान हुए। पता चला कि स्वतंत्रता दिवस से पहले चंडीगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए मॉक ड्रिल थी। यह पूरी कार्रवाई चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशंस सेल की ओर से की गई थी।

    इसका उद्देश्य किसी वास्तविक खतरे से निपटने के लिए पुलिस और अन्य आपातकालीन एजेंसियों की तैयारियों, त्वरित प्रतिक्रिया और आपसी तालमेल को परखना था।

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    सूचना मिलते ही ऑपरेशंस सेल के कमांडो ने संदिग्ध क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद एचआईटी टीम, बम डिटेक्शन स्क्वाॅयड और डॉग स्क्वाॅयड ने होटल परिसर में तलाशी अभियान चलाया।

    तलाशी के दौरान बैंक्वेट हॉल के पास लेटर बॉक्स के नजदीक डमी आईईडी बरामद की गई। इसके बाद पूरे इलाके को दोबारा सैनिटाइज किया गया, ताकि किसी अन्य संदिग्ध वस्तु की मौजूदगी की संभावना को खत्म किया जा सके।

    एक साथ मैदान में उतरीं कई एजेंसियां

    मॉक ड्रिल में चंडीगढ़ पुलिस की क्यूआरटी, पीसीआर, डायल-112, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस, बम डिटेक्शन स्क्वाॅयड, डॉग स्क्वाॅयड, मोबाइल फोरेंसिक टीम, जिला क्राइम सेल और क्राइम ब्रांच समेत कई इकाइयों ने हिस्सा लिया।

    सेक्टर-17 थाना पुलिस, एसडीपीओ सेंट्रल तथा जीएमएसएच-16 और पुलिस अस्पताल सेक्टर-26 की एंबुलेंस सेवाएं भी अभ्यास में शामिल रहीं। बरामद डमी आईईडी को निर्धारित एसओपी के तहत सैंडबैग वाहन में पुलिस लाइंस सेक्टर-26 ले जाया गया। पीसीआर वाहनों की पायलट और एस्कॉर्ट के बीच इसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर निस्तारण की प्रक्रिया पूरी की गई।

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    यह मॉक ड्रिल एसपी ऑपरेशंस गीतांजलि खंडेलवाल, आईपीएस के निर्देशन और डीएसपी ऑपरेशंस रंजोध सिंह की निगरानी में आयोजित की गई। पुलिस के मुताबिक इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में प्रतिक्रिया समय कम करना और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत करना है।

    मॉक ड्रिल ने यह भी परखा कि संदिग्ध विस्फोटक की सूचना मिलने पर किस टीम को कितनी तेजी से मौके पर पहुंचना है, इलाके को कैसे सुरक्षित करना है और लोगों को सुरक्षित निकालने के बाद सर्च व सैनिटाइजेशन किस तरह किया जाना है।

    पुलिस के अनुसार, अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा हुआ और ऐसी ड्रिल आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी, ताकि किसी भी वास्तविक आपात स्थिति में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह तैयार रहें।