SGPC के पूर्व सदस्य पर NRI महिला से रेप का आरोप मामले में जांच तेज, पंजाब सरकार ने बनाई तीन सदस्यीय SIT
अमरजीत चावला मामले में पंजाब सरकार ने तीन सदस्यीय एसआइटी गठित की है। महिला के आरोपों, कमरे के रजिस्टर में ...और पढ़ें

एसजीपीसी के पूर्व सदस्य अमरजीत सिंह चावला।
HighLights
पंजाब सरकार ने अमरजीत चावला मामले में SIT गठित की।
NRI महिला ने दुष्कर्म और बंधक बनाने के आरोप लगाए।
रिकॉर्ड में छेड़छाड़ और वित्तीय सहायता पर भी सवाल उठे।
रोहित कुमार, चंडीगढ़। श्री आनंदपुर साहिब में अमरजीत चावला से जुड़ी घटनाओं और महिला की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के लिए पंजाब सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआइटी) गठित की है। पीपीएस अधिकारी गुरबंस सिंह बैंस एसआइटी की अगुआई करेंगे। टीम में पीपीएस अधिकारी सिमरनजीत सिंह लंग और करण सिंह संधू को भी शामिल किया गया है।
एसआइटी अब मामले से जुड़े दस्तावेज, रिकार्ड और सामने आए अन्य सवालों की जांच करेगी। मामले में पिछले दिनों से अमरजीत चावला से जुड़े रिकार्ड, कमरे के रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ और इलाज के लिए दी गई एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आम आदमी पार्टी के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने एसआइटी के गठन की जानकारी देते हुए कहा कि मामले में सामने आए सभी दस्तावेज और रिकार्ड जांच के दायरे में आने चाहिए।
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महिला ने लगाए बंधक बनाने और दुष्कर्म के आरोप
एफआइआर के अनुसार महिला मालवा क्षेत्र से संबंधित है और पिछले करीब 25 वर्षों से बहरीन में रह रही है। वह धार्मिक यात्रा के लिए श्री आनंदपुर साहिब आई थी। महिला ने आरोप लगाया कि अमरजीत चावला उसे अलग-अलग सराय और कमरों में ले गया, जहां उसे बंधक बनाकर कई बार दुष्कर्म किया गया।
विरोध करने पर उसे धमकाया गया। महिला के अनुसार वह इन घटनाओं से इतनी परेशान हुई कि उसने आत्महत्या की कोशिश भी की। हालांकि, एक सेवादार ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई। एफआइआर में घटना की अवधि 27 फरवरी से 19 अगस्त 2026 के बीच बताई गई है।
महिला ने दावा किया कि उसने इस मामले में एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज समेत कई पंथक हस्तियों से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसे अपेक्षित सुनवाई नहीं मिली। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी।
रजिस्टर में कथित छेड़छाड़ पर भी सवाल
बलतेज पन्नू ने कमरे के रजिस्टर में कथित टैंपरिंग को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह छेड़छाड़ कब सामने आई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। क्या इसका पता एफआइआर दर्ज होने के बाद चला या कमेटी स्तर पर रिकार्ड की जांच के दौरान यह बात सामने आई। उन्होंने कहा कि संबंधित रजिस्टर लंबे समय तक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पास रहा, लेकिन उस दौरान किसी तरह की छेड़छाड़ की बात सामने नहीं आई थी।
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एक लाख रुपये की सहायता पर सवाल
मामले में मानसिक बीमारी के इलाज के लिए अमरजीत चावला को दिए गए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पन्नू ने कहा कि जांच में यह देखा जाना चाहिए कि क्या एसजीपीसी ने इससे पहले मानसिक रोगियों के इलाज के लिए इसी तरह एक-एक लाख रुपये की सहायता दी है।
संबंधित आवेदन में अमरजीत चावला के कई महीनों से श्री आनंदपुर साहिब में रहने की बात लिखे होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे में उसके वहां रहने की जानकारी प्रबंधन को कब हुई और उसकी स्थिति को लेकर क्या कदम उठाए गए, यह भी जांच का विषय है।
एक लाख रुपये के चेक को लेकर भी सवाल उठे हैं। बताया गया है कि यह राशि श्री आनंदपुर साहिब के बजाय अमृतसर में कैश हुई। अब एसआइटी इस लेन-देन से जुड़े रिकार्ड की भी जांच करेगी। एसआइटी की जांच के बाद ही रजिस्टर, आर्थिक सहायता और महिला की ओर से लगाए गए आरोपों से जुड़े सवालों की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
