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    मोहाली के डेराबस्सी में भरभराकर गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग, टला बड़ा हादसा; बाल-बाल बचे चार लोग

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 12:09 AM (IST)

    मोहाली के डेराबस्सी में बुधवार रात एक तीन मंजिला इमारत का स्ट्रक्चर अचानक गिर गया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ। ...और पढ़ें

    मोहाली के डेराबस्सी में गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग। फोटो जागरण

    मोहाली के डेराबस्सी में गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग। फोटो जागरण

    HighLights

    1. डेराबस्सी में रात को तीन मंजिला इमारत का स्ट्रक्चर गिरा।

    2. हादसे में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ, एक को मामूली चोट।

    3. पुलिस ने घटना की जांच शुरू की, लापरवाही की पड़ताल।

    संवाद सहयोगी, डेराबस्सी। मोहाली के सरस्वती विहार स्थित सुखमणि कॉलेज के नजदीक गली नंबर-9 में बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे एक तीन मंजिला इमारत का स्ट्रक्चर अचानक भरभराकर गिर गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोगों को पहले भूकंप का आभास हुआ। लोग घरों से बाहर निकले तो देखा कि पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो चुकी थी। गनीमत रही कि हादसे में कोई बड़ा जानी नुकसान नहीं हुआ।

    हादसे के समय साथ लगी इमारत में रह रहे सुमित्रा (45), रोटाश (61), उनके पिता रती राम तथा रजिंदर कुमार (44) बाल-बाल बच गए। सुमित्रा के हाथ में हल्की चोट आई है। वहीं, मलबा गिरने से आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आ गईं और एक मारुति कार सहित अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा।

    स्थानीय लोगों के अनुसार संबंधित इमारत वर्ष 2013 के आसपास बनी थी, लेकिन लंबे समय से खाली और जर्जर हालत में पड़ी थी। कई बार इसकी खराब स्थिति को लेकर चिंता भी जताई गई, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यदि यह इमारत दिन के समय गिरती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

    घटना की सूचना मिलते ही डेराबस्सी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित मोर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के लोगों से जानकारी जुटाई और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित कराया।

    थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुमित मोर ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाया जा रहा है कि स्ट्रक्चर गिरने के पीछे निर्माण में लापरवाही, तकनीकी खामी या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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    हादसे के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से शहर की अन्य जर्जर इमारतों का भी सर्वे कराने और समय रहते उन्हें हटाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों से बचा जा सके।