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    बठिंडा में पेट्रोल-डीजल की किल्लत, पंपों पर लटका नो स्टॉक का बोर्ड; लोगों की मुश्किलें

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 03:21 PM (IST)

    अंतर्राष्ट्रीय तनाव के कारण बठिंडा में ईंधन संकट गहरा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के पेट्रोल पंप सूख गए हैं, जिससे शहर के पंपों पर लंबी कतारें लग रही है ...और पढ़ें

    HighLights

    1. अंतर्राष्ट्रीय तनाव से बठिंडा में ईंधन संकट गहराया

    2. ग्रामीण पेट्रोल पंप सूखे, शहर में भीड़ बढ़ी

    3. डिपो से आपूर्ति बाधित, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब स्थानीय स्तर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश के कई हिस्सों में ईंधन संकट की स्थिति बनती जा रही है।

    इसका असर अब बठिंडा जिले में भी देखने को मिल रहा है, जहां खासतौर पर ग्रामीण और शहर से बाहर स्थित पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का स्टाक खत्म हो चुका है।

    हालांकि, शहर के अंदर स्थित अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अभी ईंधन उपलब्ध है, लेकिन वहां भी दबाव लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के पंप बंद होने के कारण बड़ी संख्या में वाहन चालक अब शहर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे शहर के पंपों पर कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। अगर स्थिति यही रही तो आने वाले दिनों में शहर में भी संकट गहरा सकता है।

    स्थानीय पेट्रोल पंप मालिकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से डिपो से ईंधन की आपूर्ति बाधित चल रही है। इस वजह से आउट एरिया में स्थित पंपों का स्टाक पहले ही खत्म हो गया। डबवाली रोड पर स्थित पंप मालिक विनोद बंसल ने बताया कि डिपो से नियमित सप्लाई नहीं मिलने के कारण हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के पंप पूरी तरह सूख चुके हैं, जबकि शहर के पंप भी सीमित स्टाक पर चल रहे हैं। ईंधन की कमी का सबसे ज्यादा असर ग्रामीण इलाकों के लोगों पर पड़ रहा है। उन्हें पेट्रोल-डीजल के लिए कई किलोमीटर दूर शहर आना पड़ रहा है। इससे न केवल समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि अतिरिक्त खर्च भी बढ़ रहा है।

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    टैक्सी चालक, आटो चालक और छोटे व्यापारी इस स्थिति से खासे परेशान हैं। उनका कहना है कि ईंधन की कमी के कारण उनका रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है। पंप संचालकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

    विनोद बंसल ने बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान से अपील की है कि वे इस गंभीर स्थिति पर तुरंत ध्यान दें और डिपो अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द ईंधन की आपूर्ति बहाल कराएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो शहर में भी पूरी तरह संकट उत्पन्न हो सकता है।