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    कमल कौर भाभी हत्याकांड: अमृतपाल मेहरों और रणजीत सिंह पर आरोप तय, 22 सितंबर को अगली सुनवाई

    Updated: Mon, 10 Aug 2026 08:00 PM (IST)

    बठिंडा अदालत ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ 'कमल कौर भाभी' हत्याकांड में मुख्य आरोपी अमृतपाल सिंह मेहरों और रणजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न् ...और पढ़ें

    कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी। फाइल फोटो

    कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर भाभी। फाइल फोटो

    HighLights

    1. अदालत ने अमृतपाल मेहरों और रणजीत सिंह पर आरोप तय किए।

    2. मामला अब गवाहियों के चरण में पहुंचा, अगली सुनवाई 2026 में।

    3. कंचन कुमारी का शव जून 2025 में बठिंडा में मिला था।

    जागरण संवाददाता, बठिंडा। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ ‘कमल कौर भाभी’ हत्याकांड में अदालत ने सोमवार को मुख्य आरोपित अमृतपाल सिंह मेहरों और रणजीत सिंह के खिलाफ भी आरोप तय कर दिए। अदालत ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 के तहत आरोप तय किए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को होगी।

    आरोपितों के अधिवक्ता हरपिंदर सिंह सिद्धू ने बताया कि मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था और उनके खिलाफ अदालत में आरोप तय किए जा चुके हैं। अमृतपाल मेहरों और रणजीत सिंह की गिरफ्तारी बाद में होने के कारण दोनों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया अब पूरी हुई है। अदालत की इस कार्रवाई के बाद मामला गवाहियों के चरण में पहुंच गया है।

    जून 2025 में सामने आया था हत्याकांड

    कंचन कुमारी सोशल मीडिया पर ‘कमल कौर भाभी’ के नाम से चर्चित थी। जून 2025 में उसका शव बठिंडा स्थित आदेश मेडिकल यूनिवर्सिटी के नजदीक एक कार से बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार उसकी मौत गला घोंटने से दम घुटने के कारण हुई थी।

    पुलिस जांच में अमृतपाल सिंह मेहरों का नाम मुख्य आरोपित के तौर पर सामने आया था। पुलिस के अनुसार, हत्या के मामले में उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि अमृतपाल मेहरों फरार था। जांच में यह भी सामने आया था कि हत्या के बाद वह विदेश चला गया था।

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    रणजीत सिंह पर मेहरों की मदद करने का आरोप

    जांच आगे बढ़ने पर रणजीत सिंह की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, उस पर हत्या के बाद अमृतपाल मेहरों को अमृतसर एयरपोर्ट तक पहुंचने में मदद करने का आरोप है। फरवरी 2026 में रणजीत सिंह को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया था, जहां उसका पुलिस रिमांड भी लिया गया।

    वहीं, अमृतपाल मेहरों को बाद में यूएई से डिपोर्ट किए जाने के बाद पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसे बठिंडा लाकर अदालत में पेश किया गया।

    अब गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर होगी सुनवाई

    अधिवक्ता हरपिंदर सिंह सिद्धू के अनुसार, दोनों आरोपितों के खिलाफ आरोप तय होने के बाद अब मामले में गवाहियों की प्रक्रिया शुरू होगी। आगामी सुनवाइयों में गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और अदालत के समक्ष पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कार्रवाई होगी।

    मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। आरोप तय होना दोषसिद्धि नहीं है। आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय गवाहियों, साक्ष्यों और पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।