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    आशीष नेगी के जून 1984 पर बयान से तनाव, सिख समाज भड़का; SGPC सदस्य ने उत्तराखंड सरकार से की कार्रवाई की मांग

    Updated: Sat, 27 Jun 2026 03:27 PM (GMT+05:30)

    आशीष नेगी के कथित विवादित बयान पर एसजीपीसी नेता गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि ऐसे भड़काऊ बयान सिख भावनाओं को आहत कर ...और पढ़ें

    एसजीपीसी पूर्व जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह ग्रेवाल।

    एसजीपीसी पूर्व जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह ग्रेवाल।

    HighLights

    1. आशीष नेगी के जून 1984 बयान पर सिख संगठनों में रोष।

    2. एसजीपीसी सदस्य ने सरकार से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग।

    3. विवादित बयान समाज में तनाव, सिख भावनाओं को आहत करता है।

    जागरण संवाददाता, अमृतसर। उत्तराखंड निवासी आशीष नेगी के कथित विवादित सोशल मीडिया बयान को लेकर सिख संगठनों में रोष बढ़ गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य व पूर्व जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे भड़काऊ और उत्तेजक बयान समाज में तनाव पैदा करने वाले होते हैं और इन्हें किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

    गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि जून 1984 में श्री दरबार साहिब पर हुआ हमला देश के इतिहास का एक काला अध्याय है, और इस पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक टिप्पणी या भड़काऊ बयान सिख भावनाओं को गहराई से आहत करता है। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय हमेशा शांति, भाईचारे और ‘सर्वत्र भलाई’ की भावना में विश्वास रखता है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर समुदाय को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं।

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    समाज में विभाजन को हो रहा प्रयास

    उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान देने वाले लोग समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके अनुसार यह भी आशंका है कि कुछ तत्व जानबूझकर सिख समुदाय की छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह के बयान देने से पहले सोचे।

    एसजीपीसी नेता ने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशों के अनुसार संगठन इस मामले में आगे आवश्यक कदम उठाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल जैसे श्री हेमकुंट साहिब, तख्त श्री हजूर साहिब और अन्य गुरु धाम सभी की आस्था के केंद्र हैं, और इनके बारे में की गई किसी भी आपत्तिजनक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

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    सौहार्द बनाए रखने की अपील

    उन्होंने उत्तराखंड के उन नागरिकों का भी आभार जताया, जिन्होंने इस मामले में सिख समुदाय के समर्थन में आवाज उठाई है। साथ ही उन्होंने अपील की कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी पक्ष संयम रखें और किसी भी प्रकार की उत्तेजक भाषा से बचें।

    एसजीपीसी नेता ने दोहराया कि सिख पंथ हमेशा से शांति और भाईचारे का पक्षधर रहा है, लेकिन यदि किसी ने जानबूझकर समुदाय की भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

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