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    मां ने डांटा तो गुस्से में घर छोड़कर निकला बच्चा, 2300 किलोमीटर का किया सफर; फिर जो हुआ...

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 09:58 PM (IST)

    मां की डांट से नाराज होकर एक 15 वर्षीय किशोर आंध्र प्रदेश से 2300 किलोमीटर का सफर तय कर अमृतसर पहुंच गया, जहां रेलवे पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति को ...और पढ़ें

    मां ने झिड़का तो आंध्रप्रदेश से अमृतसर पहुंच गया किशोर।

    मां ने झिड़का तो आंध्रप्रदेश से अमृतसर पहुंच गया किशोर।

    HighLights

    1. मां की डांट से नाराज होकर घर से भागा किशोर

    2. आंध्र प्रदेश से 2500 किमी दूर अमृतसर पहुंचा ट्रेन से

    3. बाल कल्याण समिति ने परिवार से मिलाया, पिता भावुक हुए

    नितिन धीमान, अमृतसर। मां की झिड़की से नाराज होकर 15 वर्षीय किशोर घर से निकलकर 2300 किलोमीटर का सफर तय करके रेल मार्ग से अमृतसर आ पहुंचा। यहां उसका कोई अपना नहीं था। किशोर रेलवे स्टेशन पर घूमता रहा। भूख से बेहाल और जेब से कंगाल इस किशोर के पास कुछ नहीं था। भूख लगी तो रेलवे स्टेशन पर लगे वाटर कूलर से पानी पी लिया। तभी इस पर रेलवे पुलिस की नजर पड़ी।

    काफी देर तक पुलिस ने उसे देखा और समझ गई कि यह या तो परिवार से बिछड़ गया है या फिर घर से भागकर आया है। किशोर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह आंध्रप्रदेश से आया है। उसे न तो हिंदी का ज्ञान था और न ही अंग्रेजी का।

    भाषा समझ न पाने से रेलवे पुलिस ने उसे बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया। बाल कल्याण समिति के प्रमुख सदस्य एडवोकेट एमके शर्मा ने उससे परिवार के विषय में पूछा। किशोर ने अपना नाम साई पुत्र अचितरा निवासी वेंकटापुरम, गोपालपट्टनम, विशाखापट्टनम, आंध्र प्रदेश बताया। उसने कहा कि मां ने उसे टैबलेट का इस्तेमाल करने से रोका था, जिसके बाद वह विशाखापट्टम से ट्रेन से यहां पहुंच गया। उसने टिकट भी नहीं लिया था।

    काउंसलिंग के दौरान किशोर ने बताया कि वह छह अगस्त को घर से निकला था। उसने अपने परिवार के विषय में जानकारी दी। इसके बाद एमके शर्मा ने परिवार से संपर्क किया। इसके बात पिता बेटे को लेने अमृतसर पहुंचे। यहां बेटे को सामने और सकुशल देख भावुक हो गए।

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    कई दिन से बेटे की चिंता में परेशान पिता ने उसे गले लगा लिया। बच्चे के चेहरे पर भी परिवार से दोबारा मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। बाल कल्याण समिति की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद बच्चे को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में बाल कल्याण समिति और जिला बाल संरक्षण इकाई की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।

    बाल कल्याण समिति की ओर से लोगों से अपील की गई कि यदि कोई बच्चा घर से गुम हो जाता है या रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड अथवा किसी सार्वजनिक स्थान पर अकेला मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या बाल संरक्षण विभाग को दें। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के माध्यम से भी बच्चों से संबंधित मामलों की सूचना दी जा सकती है।