यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जतिंदर कौर की अदालत ने सुनाया। मामला 11 मई 2022 को थाना सी डिवीजन, अमृतसर में दर्ज हत्या के मामले से जुड़ा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 11 मई 2022 को चट्टीविंड चौक स्थित सकत्तरी बाग के पास हुई थी।
शिकायतकर्ता शंकर दास और गवाह बलकार सिंह उस समय सकत्तरी बाग के मुख्य द्वार के पास मौजूद थे। इसी दौरान उन्होंने दो युवकों को आपस में बहस और गाली-गलौज करते देखा।
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गवाहों के सामने हुआ था कत्ल
गवाहों ने दोनों को शांत करवाने की कोशिश की, लेकिन विवाद अचानक बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान जेश अनिल चौधरी ने चाकू निकालकर युवक मनु की गर्दन के बाईं ओर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनु कुछ कदम चलने के बाद जमीन पर गिर पड़ा।
घटना के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन शिकायतकर्ता ने उसे वहीं पकड़ लिया। वहीं घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, चिकित्सीय साक्ष्य, वारदात में इस्तेमाल चाकू की बरामदगी और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य पेश किए।
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सबूतों को ध्यान में रख लिया गया फैसला
अदालत ने सभी सबूतों और गवाहियों का गहन अध्ययन करने के बाद आरोपी को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि मानव जीवन की रक्षा कानून की प्राथमिक जिम्मेदारी है और हिंसक अपराधों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत ने यह भी माना कि मामले में जांच एजेंसी, अभियोजन पक्ष और न्यायिक प्रक्रिया ने कानून के अनुसार निष्पक्ष तरीके से काम किया।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। साथ ही यह भी संदेश जाएगा कि हत्या जैसे गंभीर अपराध करने वालों के खिलाफ कानून सख्ती से कार्रवाई करता है। मामले में अदालत के इस फैसले को अमृतसर में हाल के वर्षों के महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों में एक अहम निर्णय माना जा रहा है।