ग्रेनेड साजिश में हुआ खुलासा, पुलिस इमारतों को निशाना बनाने की थी साजिश; 5 दिन के रिमांड में खुलेंगे कई राज
ग्रेनेड बरामदगी मामले में गिरफ्तार दो आरोपितों से पूछताछ में पुलिस भवनों को निशाना बनाने की कथित साजिश का खुलासा हुआ। अदालत ने दोनों को पांच दिन के पु ...और पढ़ें

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HighLights
बरामद ग्रेनेड का लक्ष्य पुलिस की बड़ी इमारतें थीं।
दो आरोपी गिरफ्तार, 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजे गए।
फरार अनमोलप्रीत सिंह की तलाश जारी, ड्रोन से आए ग्रेनेड।
नवीन राजपूत, अमृतसर। अमृतसर में ग्रेनेड बरामदगी मामले की जांच के दौरान पुलिस को पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों आरोपितों ने पूछताछ में दावा किया है कि बरामद किए गए अधिक मारक क्षमता वाले ग्रेनेड का इस्तेमाल पुलिस की बड़ी इमारतों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। हालांकि पुलिस इन दावों की जांच कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
शुक्रवार को दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपितों में एक युवक और एक नाबालिग शामिल है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान इस पूरे नेटवर्क, हथियारों की आपूर्ति और अन्य संभावित सहयोगियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
जांच अधिकारियों के अनुसार मामले में अनमोलप्रीत सिंह नामक युवक की तलाश जारी है। पुलिस का संदेह है कि उसके पास अभी भी विस्फोटक सामग्री या अन्य हथियार हो सकते हैं। जांच एजेंसियां उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
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आरोपी में दूसरा नाबालिग
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरजोत सिंह और करीब साढ़े सत्रह वर्ष के एक नाबालिग के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फरार अनमोलप्रीत सिंह के कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित तस्करों और विदेश में बैठे हैंडलरों से संपर्क थे। पुलिस का आरोप है कि ग्रेनेड ड्रोन के माध्यम से भारतीय सीमा में गिराए गए थे, जिन्हें बाद में अनमोलप्रीत सिंह ने अपने कब्जे में लिया।
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जांच में यह भी सामने आया है कि बाद में दोनों ग्रेनेड हरजोत सिंह और उसके नाबालिग साथी को आगे पहुंचाने के लिए दिए गए थे। दोनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें एक स्थान पर रुकने के लिए कहा गया था, जहां से मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति ग्रेनेड लेने आने वाला था।
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पहले से अधिक शक्तिशाली ग्रेनेड की हुई डिलीवरी
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपितों ने यह भी दावा किया कि फरार आरोपित ने फोन पर बातचीत में कहा था कि ये ग्रेनेड पहले भेजी गई खेप की तुलना में अधिक मारक क्षमता वाले हैं और उनका इस्तेमाल पुलिस की बड़ी इमारतों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस कथित बातचीत और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।
नेटवर्क की पहचान में जुटी पुलिस
जांच एजेंसियां अब बरामद साक्ष्यों, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन, तकनीकी जानकारी और अन्य कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपित की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस पूरे प्रकरण से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहन पड़ताल कर रही है।