क्या बंगला साहिब में जूते पहनकर घुसी पुलिस? आप नेता अकाल तख्त साहिब पहुंचे; अमित शाह को तलब करने की उठी मांग
दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के जूते पहनकर प्रवेश करने के आरोपों के विरोध में आम आदमी पार्टी ...और पढ़ें

मीडिया से बातचीत करते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक व नेता।
HighLights
AAP ने बंगला साहिब में पुलिस प्रवेश पर ज्ञापन सौंपा।
पार्टी ने अमित शाह को अकाल तख्त पर तलब करने की मांग की।
सीएम मान ने भी पुलिस की गुरुद्वारे में एंट्री की निंदा की।
जागरण संवाददाता, अमृतसर। दिल्ली के गुरुद्वारा बंगला साहिब में पुलिस के जूते पहनकर प्रवेश करने के आरोपों के बीच आम आदमी पार्टी ने श्री अकाल तख्त साहिब पर ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। पार्टी के विधायकों और नेताओं ने डाॅ. इंद्रबीर सिंह निज्जर की अगुवाई में जत्थेदार को ज्ञापन सौंपा है।
पार्टी नेताओं ने दावा करते हुए कहा कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान कुछ छात्र गुरुद्वारा में आए थे। इनका पीछे करते हुए करते हुए पुलिस जूते पहनकर अंदर दाखिल हुई। यह मर्यादा का उल्लंघन है। इस पर अकाल तख्त साहिब को संज्ञान लेना चाहिए।
विधायकों ने जत्थेदार को एक पत्र सौंपकर इस मामले में कार्रवाई करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब करने की मांग की। निज्जर ने कहा कि देश के गृह मंत्री अमित शाह को श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब करें। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है, इसलिए गृह मंत्री से इस घटना के संबंध में स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए
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विधायक को कार्यालय में जाने से रोका
पायल हलका लुधियाना से विधायक मनविंदर सिंह गयासपुरा ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि उन्हें श्री अकाल तक साहिब सचिवालय में नहीं जाने दिया गया। उनका आरोप है कि मुझे एससी होने के कारण प्रवेश नहीं मिला।
हालांकि इस संबंध में विधायक इंद्रवीर सिंह निज्जर से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुझे इस बात की जानकारी नहीं है, आप अकाल तख्त सचिवालय में बात करें। दूसरी तरफ अकाल तख्त की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय ने स्पष्ट किया है कि विधायक की और से गलत शब्दावली का प्रयोग किया गया था। जिसके विरोध में उन्हें बाहर रखा गया।
डेढ दर्जन के करीब विधायक मंत्री पहुंचे
ज्ञापन सौंपने वालों में कैबिनेट रैंक प्राप्त बलजिंदर कौर, दसूहा के विधायक कर्मबीर सिंह घुम्मण, उड़मुड़ के विधायक जसवीर सिंह राजा, अमृतसर दक्षिणी के विधायक डाॅ. इंद्रबीर सिंह निज्जर, कादियां के हलका प्रभारी गुरइकबाल सिंह माहल, तरनतारन के विधायक हरमीत सिंह संधू, मुख्य प्रवक्ता एवं अजनाला के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल थे।
इनके अलावा डेरा बाबा नानक के विधायक गुरदीप सिंह रंधावा, अमृतसर पूर्वी की विधायक जीवनजोत कौर, महल कलां के विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी, खेमकरण के विधायक सरवन सिंह धुन्न, लुधियाना के विधायक कुलवंत सिंह ग्यासपुरा, बाबा बकाला के विधायक दलवीर सिंह तुंग, राजासांसी की हलका प्रभारी सोनिया मान, तरनतारन के प्रधान एवं जिला परिषद के चेयरमैन अंगदीप सिंह, खडूर साहिब के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और अटारी के विधायक जसविंदर सिंह रमदास शामिल हुए।
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सीएम मान भी कर चुके निंदा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी इस घटना की निंदा कर चुके हैं। सीएम मान ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि दिल्ली पुलिस के जवान 'जबरदस्ती' गुरुद्वारे में घुस गए थे। आप के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि गुरुद्वारा साहिब में किसी के भी आने और ठहरने पर सवाल नहीं होना चाहिए।
यदि कुछ लोग वहां ठहरे हुए थे, तो वे कौन से अपराधी या आतंकवादी थे, जिन्हें बाहर निकालने के लिए पुलिस को इस तरह अंदर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस की कार्रवाई के कारणों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
