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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'औरंगजेब क्रूर नहीं था', अखिलेश के विधायक ने की मुगल शासक की प्रशंसा; बीजेपी ने साधा निशाना

Updated: Mon, 03 Mar 2025 07:38 PM (IST)

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। अबू आजमी ने मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा की। इसके बाद बीजेपी ने उनसे माफी मांगने क ...और पढ़ें

सपा के एमएलए ने मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा की। (फाइल फोटो)
सपा के एमएलए ने मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा की। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. सपा के एमएलए ने मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा की।
  2. अबू आजमी के बयान पर खड़ा हो गया विवाद।
  3. डिप्टी सीएम शिंदे ने अबू आजमी के बयान की निंदा की।

एजेंसी/डिजिटल डेस्क: समाजवादी पार्टी (सपा) और महाराष्ट्र के विधायक अबू आजमी ने सोमवार को मुगल शासक औरंगजेब की प्रशंसा की। उनके इस बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। बीजेपी ने अबू आजमी के बयान को गलत बताया इसके साथ ही उनसे माफी मांगने की बात कही।

दरअसल, अबू आजमी ने बॉलीवुड फिल्म छावा के संदर्भ में कहा कि सारा गलत इतिहास दिखाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने कई मंदिर बनवाए और वह क्रूर नेता नहीं था।

आजमी ने कहा कि औरंगजेब के समय भारत की सीमाएं अफगानिस्तान और बर्मा तक फैली हुई थीं। उस समय हमारी जीडीपी 24 प्रतिशत थी। भारत को 'सोने की चिड़िया' कहा जाता था। क्या मुझे इन सभी चीजों को गलत कहना चाहिए?

अबू आजमी के बयान पर विवाद

सपा के विधायक ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच लड़ाई धार्मिक नहीं बल्कि सत्ता के लिए थी। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज और औरंगजेब के बीच लड़ाई सत्ता के लिए थी। अगर कोई कहता है कि यह लड़ाई धर्म के लिए थी, तो मैं इस पर विश्वास नहीं करता।

हिंदू-मुस्लिम एंगल देने की कोई जरूरत नहीं: आजमी

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि उस समय के राजा सत्ता और संपत्ति के लिए संघर्ष करते थे, लेकिन यह धार्मिक नहीं था। उसने (औरंगजेब ने) 52 साल तक शासन किया, और अगर वह वाकई हिंदुओं को मुसलमान बना रहा था - तो कल्पना कीजिए कि कितने हिंदुओं ने धर्म परिवर्तन किया होगा।

उन्होंने कहा कि अगर औरंगजेब रहमतुल्लाह ने मंदिर तोड़े थे, तो उसने मस्जिदें भी तोड़ी थीं। अगर वह हिंदुओं के खिलाफ होता, तो 34% हिंदू उसके साथ नहीं होते; और उसके सलाहकार हिंदू नहीं होते। इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल देने की कोई जरूरत नहीं है। यह देश संविधान से चलेगा, और मैंने हिंदू भाइयों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा है।

शिंदे ने की देशद्रोह का केस चलाने की मांग

अबू आजमी के बयान की बीजेपी ने निंदा की है। इसके साथ ही उनसे माफी मांगने की बात कही है। वहीं, महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने आजमी के बयान को गलत और अस्वीकार्य बताया और कहा कि उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए।

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम ने कहा कि उनका बयान गलत है और इसकी निंदा की जानी चाहिए। औरंगजेब ने छत्रपति संभाजी महाराज को 40 दिनों तक प्रताड़ित किया था, ऐसे व्यक्ति को अच्छा कहना सबसे बड़ा पाप है, इसलिए अबू आजमी को माफी मांगनी चाहिए। हमारे मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन पर देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए।

बीजेपी ने साधा निशाना 

भाजपा विधायक राम कदम ने कहा है कि अबू आसिम आजमी को सब जानकारी है। इसके बावजूद वह ऐसी बात कह रहे हैं। हम उन्हें सदन में इतिहास की पुस्तक भेंट करेंगे। जिस पढ़कर वह अपनी इतिहास की जानकारी बढ़ाएं।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे ने भी आजमी के बयान पर नाराजगी जताते हुए उनके साथ-साथ सरकार को भी घेरा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवाजी महाराज का अपमान करने की शुरुआत पूर्व राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी ने की। अब कई लोग छत्रपति संभाजी महाराज का अपमान करते आ रहे हैं। महाराष्ट्र में सरकार किसकी है ? अबू आसिम आजमी पर कार्रवाई कौन करेगा?

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