एशियाड से बाहर हुई वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप
एशियाई खेलों से बाहर किए जाने के बाद वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न ...और पढ़ें

दिव्यांशी ने लगाया उत्पीड़न का आरोप

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पीटीआई, नई दिल्ली: एशियाई खेलों से बाहर किए जाने के बाद वुशू खिलाड़ी दिव्यांशी चौधरी ने राष्ट्रीय महासंघ पर शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जापान में प्रतियोगिता के लिए डॉक्टर की मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया।
खेल मंत्रालय द्वारा 22 अगस्त को जारी सूची में दिव्यांशी को एशियाई खेलों के लिए वुशू टीम में शामिल किया गया था, लेकिन शुक्रवार को उनकी जगह दो बार की एशियाई खेल पदक विजेता नोरेम रोशिबिना देवी को शामिल किया गया।
संघ ने जारी किया बयान
भारतीय वुशू संघ (डब्ल्यूएआई) ने बताया कि दिव्यांशी के एमआरआइ में एसीएल में चोट और तरल पदार्थ जमा होने की जानकारी मिली थी। दिव्यांशी ने कहा कि उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया है और उन्होंने आत्महत्या की धमकी भी दी। डब्ल्यूएआई ने कहा कि दिव्यांशी ने खुद संघ को बताया था कि उन्हें चोट लगी थी।
खेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि वुशू टीम में बदलाव स्थापित नियमों के तहत किया गया। 23 अगस्त को दिव्यांशी का एमआरआई कराया गया, जिसमें चोट की पुष्टि हुई। दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि अतीत में भी उन्हें शारीरिक रूप से परेशान किया गया है। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों ने उन्हें खेल खेलने की अनुमति दी थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट को साझा नहीं किया गया।
खुद दी थी चोट की जानकारी
दिव्यांशी ने कहा कि एशियाई खेलों में भाग लेना उनका सपना है। हालांकि संघ ने कहा कि दिव्यांशी को टीम से केवल चोट के कारण बाहर किया गया है। एक बयान में डब्ल्यूएआई ने दावा किया कि दिव्यांशी ने खुद संघ को बताया था कि उन्हें 24 से 29 जून तक चीन के हुबेई में आयोजित 2026 वुशु सांडा चैंपियनशिप के दौरान चोट लगी थी। एक महीने घर पर रहने के बाद दिव्यांशी 10 अगस्त को एनआइएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में शामिल हुई थीं।
