Exclusive: 'एमएस धोनी और विराट कोहली की जोड़ी से मिली सीख को भुनाया', Shubham Juyal ने किया बड़ा खुलासा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शॉट पुट के एफ57 वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने वाले शुभम जुयाल ने पूर्व भारतीय कप्तान ...और पढ़ें

शुभम जुयाल को शुभम जुयाल ने पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और विराट कोहली से मिली सीख

समय कम है?
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अभिषेक निगम, नई दिल्ली। भारत के पैरा शॉट पुट एथलीट शुभम जुयाल को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतने के बाद देशभर में पहचान मिली।
ग्लास्गो सीडब्ल्यूजी में शॉट पुट के एफ57 वर्ग में सिल्वर मेडल जीतने वाले शुभम ने बताया कि भारत में क्रिकेट की विशेष जगह है। मगर उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य खेलों को भी देश में समान प्यार और समर्थन मिलेगा।
इंडियन आर्मी में लांस नायक शुभम जुयाल कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतने के बाद अपने गृहनगर रूड़की पहुंचे तो स्थानीय निवासियों ने उनका जोरदार स्वागत किया। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस द्वारा सम्मान प्राप्त करने के बाद जागरण डॉट कॉम से विशेष बातचीत में शुभम ने क्रिकेट के प्रति अपने लगाव के बारे में खुलासा किया।
शुभम जुयाल का क्रिकेट से लगाव
30 साल के शुभम जुयाल ने बताया कि वो सचिन तेंदुलकर को खेलते देख बड़े हुए। इसके अलावा वो एमएस धोनी और विराट कोहली के भी बड़े प्रशंसक हैं। धोनी-कोहली की 'आग और बर्फ' (फायर एंड आईस) की जोड़ी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।
शुभम ने कहा, 'मैं सचिन तेंदुलकर को देखकर बड़ा हुआ और मेरे खल के आदर्श एमएस धोनी व विराट कोहली हैं क्योंकि उनका कॉम्बिनेशन 'गर्म-ठंडक' या 'आग-बर्फ' मिजाज वाला है। मैं दोनों को करीब से फॉलो करता हूं। एमएस धोनी से मुझे सीख मिली कि कैसे मुश्किल समय में शांत और सौम्य बने रहना है, विशेषकर तब, जब चीजें आपके हाथ में नहीं हो। वहीं, विराट से सीख मिली कि आक्रमकता के साथ कैसे विरोधी पर हावी होकर विजेता वाली मानसिकता रखनी है।'
जुयाल ने खुलासा किया कि अब तक उन्हें इन दोनों दिग्गजों से मिलने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ, लेकिन वो दोनों से मिलना जरूर चाहते हैं। शुभम ने कहा, 'अगर मुझे मौका मिला तो निश्चित ही एमएस धोनी और विराट कोहली से उनकी मानसिकता और व्यवहार के बारे में बात करूंगा।'
लक्ष्य एकदम स्पष्ट
जुयाल के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल जीतना महत्वपूर्ण रहा, लेकिन उनका लक्ष्य 2028 पैरालिपिंक में गोल्ड मेडल जीतना है। इसके अलावा वो हर प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन करना चाहते हैं।
पैरा शॉट पुट एथलीट ने कहा, 'लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक में गोल्ड मेडल जीतना ही मेरा लक्ष्य है। मैं अन्य प्रतियोगिताओं में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता हूं ताकि तैयारी से मदद मिले और 2028 में मेरा सपना पूरा हो।'
कभी हार नहीं मानी
चार साल पहले, एक मोटरसाइकिल दुर्घटना ने जुयाल की जिंदगी बदल दी। इस दुर्घटना में उनका दाएं पैर के घुटने के नीचे का हिस्सा काटना पड़ा। इंडियन आर्मी ऑफिसर बनने का उनका सपना भी खत्म होता नजर आया। मगर जुयाल ने खुद के दम पर अपनी किस्मत लिखने का फैसला किया।
शुभम जुयाल ने कभी हार नहीं मानी और पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) से शॉट पुट में अपनी ट्रेनिंग पूरी की। जुयाल का मानना है कि वो आगे आने वाली प्रतियोगिताओं में और भी बेहतर प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन करेंगे। शुभम जुयाल की जिंदगी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी, जिनकी उम्मीद जगेगी कि लाइफ में कुछ भी हो सकता है।
