भारतीय खेलों में क्रांति लाएंगे नीरज चोपड़ा और गोपीचंद! देश में कोचिंग व्यवस्था मजबूत करने के लिए की बड़ी शुरुआत
भाला फेंक के स्टार नीरज चोपड़ा और बैडमिंटन के दिग्गज पुलेला गोपीचंद ने इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस (आईएससीई) की शुरुआत की है।

नीरज चोपड़ा

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पीटीआई, नई दिल्ली। भाला फेंक के स्टार नीरज चोपड़ा और बैडमिंटन के दिग्गज पुलेला गोपीचंद ने गुरुवार को इंडियन स्कूल ऑफ कोचिंग एक्सीलेंस (आईएससीई) की शुरुआत की।
इस पहल का उद्देश्य भारत में कोचिंग व्यवस्था और खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। आईएससीई का लक्ष्य बहुआयामी कोच विकास कार्यक्रमों के जरिए विश्वस्तरीय कोच तैयार करने पर होगा।
नीरज चोपड़ा के कदम से भारतीय एथलीटों को मिलेगा फायदा
इन कार्यक्रमों में शारीरिक साक्षरता, खेल विज्ञान, खेल शिक्षा, तकनीक और करियर विकास जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा, जिससे कोच को उच्च प्रदर्शन वाले खेलों की बदलती जरूरतों से निपटने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल मिल सके।
आईएससीई सहयोग और ज्ञान साझा करने के मंच के रूप में काम करेगा तथा सरकार भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), खेल महासंघों, संघों, उच्च प्रदर्शन केंद्रों, शैक्षणिक संस्थानों और निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पूरे भारत में कोचिंग उत्कृष्टता को आगे बढ़ाएगा।
