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ओलंपिक के दावे की पोल खोलती India Open की अव्यवस्थाएं, इंटरनेशनल फजीहत के बाद खेल मंत्रालय सख्त

Published: Sun, 18 Jan 2026 09:20 AM (IST)

इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के दौरान इंदिरा गांधी खेल परिसर में गंदगी, आवारा कुत्तों, पक्षियों की बीट और बंदरों जैसी ...और पढ़ें

ओलंपिक के दावे की पोल खोलती India Open की अव्यवस्थाएं

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नितिन नागर, जागरण नई दिल्ली। भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी के लिए दावेदारी पेश कर रहा है, लेकिन बड़ा सवाल है कि क्या देश ऐसे वैश्विक खेल प्रतियोगिताओं के लिए तैयार है।

नई दिल्ली इंडिया ओपन बैडमिंटन टूर्नामेट में दौरान सामने आई बदहाल व्यवस्थाओं ने खेल प्रशासकों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

इंदिरा गांधी खेल परिसर में फैली गंदगी व आवारा कुत्तों, कोर्ट पर गिरती पक्षियों की बीट, मुख्य स्टेडियम और अभ्यास के लिए बनाए गए केडी जाधव हाल में घूमते बंदरों ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया है। ये हाल केवल इंदिरा गांधी खेल परिसर का नहीं, बल्कि कुछ महीने पहले साई के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में हुई विश्व पैरालंपिक चैंपियनशिप के दौरान भी ऐसी ही लापरवाही दिखी थी।

खेल मंत्रालय ने जांच समिति बनाने की घोषणा की

स्टेडियम परिसर में आवारा कुत्तों ने कोच व खिलाडि़यों को काटा था, जिससे वैश्विक स्तर पर भारत की किरकरी हुई थी।इंडिया ओपन में अव्यवस्थाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खेल मंत्रालय ने जांच समिति बनाने की घोषणा की। खेल मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इंडिया ओपन जैसे टूर्नामेंट को लेकर ऐसी शिकायतें अस्वीकार्य हैं और समिति इसकी जांच करेगी।

इस मामले में जो भी दोषी होंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इंडिया ओपन में आए विदेशी खिलाड़ी भी यहां की व्यवस्थाओं पर खुलकर नाराजगी जाहिर की थी और अगस्त में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के आयोजन को लेकर भी प्रश्न उठा चुके हैं।

डेनमार्क की मिया ब्लिचफेल्ट ने कहा कि यह सुपर 750 टूर्नामेंट के लिए उपयुक्त स्थल नहीं है, जबकि इसी जगह इस साल विश्व चैंपियनशिप होनी है। मैं यहां इतने टूर्नामेंट को होते हुए नहीं देख सकती। इंडिया ओपन का आयोजन इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में किया जा रहा है, जो खेल मंत्रालय के भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के अधीन आता है।

हालांकि इंडिया ओपन का आयोजन भारतीय बैडमिंटन संघ (बीएआई) कराता है, लेकिन स्टेडियम के रखरखाव और साफ-सफाई की जिम्मेदारी पूरी तरह साइ की है। बीएआई इसे साइ से लेता है। कई पूर्व खिलाडि़यों का मानना है कि इस जिम्मेदारी से साई बच नहीं सकता। ये पहली बार नहीं है, जब इंडिया ओपन के आयोजन पर विदेशी खिलाड़ियों ने अंगुली उठाई है।

पिछले साल इंडिया ओपन का आयोजन केडी जाधव हाल में किया गया था, जहां खेलने से दो विदेशी खिलाड़ी बीमार हो गई थीं। उसके बाद इस बार टूर्नामेंट को इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, लेकिन यहां भी टूर्नामेंट खेल से ज्यादा अन्य चीजों को लेकर विवादों में रहा।

गुरुवार को एचएस प्रणय और लोह के बीच मुकाबला पक्षी की बीट के कारण दो बार रोकना पड़ा था। सूत्रों के अनुसार, स्टेडियम दो जनवरी को आयोजकों को सौंपा गया था। हालांकि बीएआइ ने माना कि समय कम था, लेकिन जानवरों की घुसपैठ और गंदगी जैसी समस्याएं बुनियादी रखरखाव से जुड़ी हैं।

वहीं साइ का कहना है कि स्टेडियम समय पर सौंपा गया था और नियमित सफाई की गई थी, लेकिन बड़े टूर्नामेंट में कबूतरों की समस्या बनी रहती है। अब अतिरिक्त जाल और कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं। पूर्व साइ अधिकारियों का कहना है कि समस्या केवल एक टूर्नामेंट तक सीमित नहीं है। दिल्ली के कई स्टेडियम गैर खेल आयोजनों के लिए इस्तेमाल होते हैं और बाद में उनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता।

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