BJD में शामिल हुईं पांडियन की पत्नी सुजाता, अगले चुनाव में कौन संभालेगा कमान? नवीन पटनायक ने किया साफ
पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन आधिकारिक तौर पर बीजद में शामिल हो गईं। ...और पढ़ें

पांडियन की पत्नी ने थामा बीजद का दामन। फोटो- एक्स
HighLights
वीके पांडियन की पत्नी सुजाता राउत कार्तिकेयन बीजद में शामिल हुईं।
नवीन पटनायक ने अगले चुनावों में बीजद का नेतृत्व करने की घोषणा की।
सुजाता पूर्व आईएएस अधिकारी हैं, 'मिशन शक्ति' कार्यक्रम से जुड़ी रही हैं।
डिजिटल डेस्क, भुवनेश्वर। ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के करीबी सहयोगी वीके पांडियन की पत्नी और पूर्व नौकरशाह सुजाता राउत कार्तिकेयन गुरुवार को आधिकारिक तौर पर बीजद में शामिल हो गईं। पटनायक ने पार्टी मुख्यालय 'शंख भवन' में एक बैठक के बाद उनके पार्टी में शामिल होने की घोषणा की।
इस दौरान पूर्व सीएण पटनायक ने कहा कि BJD में सुजाता राउत का स्वागत है। वह पार्टी में एक साधारण सदस्य के तौर पर शामिल होंगी। वह एक IAS अधिकारी रही हैं और उन्होंने कई अहम पदों पर काम किया है। उन्होंने हमारे राज्य की कई महिलाओं की भलाई के लिए काम किया।
नवीन पटनायक ने आगे कहा कि मुझे यकीन है कि समय के साथ वह अपनी नई भूमिका में ढल जाएंगी। वह लोगों, खासकर महिलाओं का नेतृत्व करना सीखेंगी। वहीं भविष्य में पार्टी की कमान संभालने के अटकलों पर विराम लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बिल्कुल साफ कर दिया है कि अगले चुनावों में बीजद का नेतृत्व खुद करेंगे।

पार्टी में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सुजाता ने कहा कि मुझे नवीन पटनायक के नेतृत्व में 24 साल तक ओडिशा के लोगों की सेवा करने का मौका मिला है। मुझे उनके नेतृत्व में ओडिशा के लोगों की सेवा करने का वही मौका फिर से मिला है।
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उन्होंने आगे कहा कि मैं भगवान जगन्नाथ, पार्टी नेताओं और लाखों BJD कार्यकर्ताओं के आशीर्वाद से ओडिशा के लोगों के लिए पूरी ईमानदारी और लगन से काम करूंगी। 2000 बैच की IAS अधिकारी सुजाता ने 13 मार्च, 2025 को सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया था। पिछली BJD सरकार के महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम 'मिशन शक्ति' को आगे बढ़ाने का श्रेय काफी हद तक उन्हें ही दिया जाता है।
उनका सक्रिय राजनीति में आना तब हुआ है, जब नौकरशाह से राजनेता बने पांडियन ने 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में BJD की हार के बाद सक्रिय राजनीति से हटने की घोषणा की थी। जहां चुनावी हार के बाद पांडियन राजनीति से दूर हो गए।
वहीं सुजाता नौकरशाही में बनी रहीं और ओडिशा में BJP की सरकार बनने के करीब नौ महीने बाद इस्तीफा दिया। BJD के कुछ सीनियर नेताओं ने पहले पार्टी में उनके शामिल होने का विरोध किया था, क्योंकि वे 2024 के चुनावों में BJD के खराब प्रदर्शन के लिए पांडियन को ज़िम्मेदार मानते थे।