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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Odisha: तीन फरवरी को ओडिशा दौरे पर आएंगे पीएम मोदी, कई बिजली परियोजना का करेंगे उद्घाटन

By Jagran News Edited By: Jeet Kumar
Updated: Fri, 02 Feb 2024 03:00 AM (IST)

वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले पीएम मोदी तीन फरवरी को ओडिशा को कई परियोजनाओं का सौगात देंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 28978 करोड़ रुप ...और पढ़ें

तीन फरवरी को ओडिशा दौरे पर आएंगे पीएम मोदी
तीन फरवरी को ओडिशा दौरे पर आएंगे पीएम मोदी

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। वर्ष 2024 में होने वाले आम चुनावों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन फरवरी को ओडिशा को कई परियोजनाओं का सौगात देंगे। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री 28,978 करोड़ रुपये की तीन बिजली परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही एनएचआई की तीन परियोजनाओं की सौगात भी राज्य को समर्पित करेंगे।

तीनों बिजली परियोजनाएं देश की अग्रणी बिजली उत्पादन कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड की हैं। ये हैं एनटीपीसी तालचेर थर्मल पॉवर परियोजना स्टेज-3 (2x660 मेगावाट), एनटीपीसी दर्लिपाली सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन (2x800 मेगावाट), एनएसपीसीएल राउरकेला पीपी-II विस्तार परियोजना (1x250 मेगावाट)। यह जानकारी गुरुवार को यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में एनटीपीसी के क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पूर्वी क्षेत्र I-II) सुदीप नाग ने दी।

11844 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा प्लांट

उन्होंने बताया कि एनटीपीसी तालचेर थर्मल पॉवर परियोजना की लागत 11844 करोड़ रुपये है और अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी आधारित होगी। इसके साथ ही एनटीपीसी दर्लिपाली सुपर थर्मल पॉवर स्टेशन की परियोजना की लागत 14822 करोड़ रुपये है। एनएसपीसीएल राउरकेला पीपी-II विस्तार परियोजना 2312 करोड़ रुपये है।

इन जगहों पर हो रही बिजली आपूर्ति

नाग ने कहा कि ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में स्थित दर्लिपाली एसटीपीपी सुपरक्रिटिकल (अत्यधिक कुशल) प्रौद्योगिकी वाला एक पिट-हेड पावर स्टेशन है और अपने लाभार्थी राज्यों, जैसे ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, गुजरात और सिक्किम को कम लागत वाली बिजली की आपूर्ति कर रहा है। एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड की 250 मेगावाट की परियोजना राउरकेला स्टील प्लांट (आरएसपी) में स्थापित की गई है, ताकि स्टील प्लांट को विश्वसनीय बिजली प्रदान की जा सके जो आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

इसके अलावा, एनटीपीसी ओडिशा के अनुगूल जिले में पुराने टीटीपीएस संयंत्र परिसर के भीतर तालचेर थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट, चरण-तीन विकसित कर रहा है, जिसे एनटीपीसी ने वर्ष 1995 में ओडिशा राज्य विद्युत बोर्ड से ले लिया था। राष्ट्र को 50 वर्ष तक सेवा देने के बाद पुराने टीटीपीएस संयंत्र को बंद कर दिया गया था।

विशिष्ट कोयला खपत और सीओ2 उत्सर्जन में मदद मिलेगी

उन्होंने बताया कि आगामी संयंत्र में अत्यधिक कुशल अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल टेक्नोलॉजी आधारित इकाइयां होंगी और पुराने टीटीपीएस संयंत्र की क्षमता लगभग तीन गुना होंगी। इस परियोजना से 50% क्षमता ओडिशा राज्य को समर्पित है, जबकि तमिलनाडु, गुजरात और असम जैसे अन्य लाभार्थी राज्यों को भी इस पिट-हेड स्टेशन से कम लागत वाली बिजली मिलेगी। इस परियोजना का निर्माण सभी आधुनिक पर्यावरणीय सुविधाओं के साथ किया जा रहा है और इस प्रकार कम विशिष्ट कोयला खपत और सीओ2 उत्सर्जन में मदद मिलेगी।

एनटीपीसी ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल किया

इस संवाददाता सम्मेलन में एनएसपीसीएल के सीईओ दिवाकर कौशिक, तालचेर थर्मल के कार्यकारी निदेशक गौतम देव, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, नई दिल्ली के कार्यकारी निदेशक हरजीत सिंह, तालचेर कनिहा के बिजनेस यूनिट प्रमुख अशोक कुमार सहगल, दर्लिपाली के बिजनेस यूनिट प्रमुख हर्ष नाथ चक्रवर्ती, सीजीएम (एचआर), ईआर-2 मुख्यालय रजनीश रस्तोगी और जीएम (ओएस), एनएसपीसीएल त्रिदिव देव उपस्थित थे। इस दौरान एनटीपीसी के विकास पर एक प्रस्तुति भी दी गई तथा बताया गया है कि एक छोटी से शुरू से एनटीपीसी ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में शीर्ष स्थान हासिल किया है।