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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ओडिशा रेल हादसे के 51 घंटे बाद दुर्घटना प्रभावित रूट पर ट्रेनों ने पकड़ी रफ्तार, रेल मंत्री हुए भावुक

By Jagran NewsEdited By: Arijita Sen
Updated: Mon, 05 Jun 2023 09:11 AM (IST)

ओडिशा ट्रेन हादसे के लगभग 51 घंटे के बाद दुर्घटनाग्रस्‍त ट्रैक की बहाली का काम रविवार शाम को पूरा कर लिया गया। इसके बाद ट्रैक से ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई। इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्‍णव मौजूद रहे।

दुर्घटनाग्रस्‍त ट्रैक की बहाली के बाद मालगाड़ी को रवाना करते रेल मंत्री।
दुर्घटनाग्रस्‍त ट्रैक की बहाली के बाद मालगाड़ी को रवाना करते रेल मंत्री।

संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन पर भीषण ट्रिपल ट्रेन दुर्घटना के लगभग 51 घंटे बाद इस मार्ग से पहली ट्रेन ने अपने सफर की शुरुआत की। रविवार रात को बहाली का काम पूरा कर लिया गया। गौरतलब है कि इस भयावह रेल हादसे में 275 लोगों की मौत हो गई है। 

कोयले से लदी मालगाड़ी ने शुरू किया सफर

विजाग बंदरगाह या विशाखापट्टनम पोर्ट ट्रस्‍ट से कोयले से लदी एक मालगाड़ी ने कल रात करीब 10 बजकर 40 मिनट पर राउरकेला स्टील प्लांट की ओर अपनी यात्रा शुरू की। सेवाओं की बहाली के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मौके पर मौजूद रहे।

मालगाड़ी उसी पटरी पर दौड़ी जहां शुक्रवार को बेंगलुरू-हावड़ा ट्रेन जानलेवा हादसे का शिकार हुई थी। वैष्णव ने ट्विटर पर ट्रैक पर सेवाओं को फिर से शुरू करने की घोषणा की और लिखा, 'डाउन-लाइन की बहाली पूरी। सेक्शन में पहली ट्रेन की आवाजाही।'

डाउन लाइन बहाल होने के बमुश्किल दो घंटे बाद अप लाइन भी बहाल हो गई। दुर्घटना प्रभावित खंड की अप लाइन पर चलने वाली पहली ट्रेन खाली मालगाड़ी थी। यह वही ट्रैक है जिस पर कोरोमंडल एक्सप्रेस लूपलाइन में खड़ी मालगाड़ी से जा टकराई थी। इसी ट्रैक पर कोरोमंंडल एक्‍सप्रेस दौड़ रही थी। 

रेलमंत्री हुए भावुक, कहा- जिम्‍मेदारी अभी बाकी है

 दुर्घटनाग्रस्त खंड की बहाली की घोषणा करते हुए भावुक वैष्णव ने कहा, 'तीन ट्रेनें खंड से निकल चुकी हैं (दो डाउन और एक अप) और हमने आज रात तक लगभग सात चलाने की योजना बनाई है। हमें इस पूरे खंड को सामान्यीकरण की ओर ले जाना है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जितनी जल्‍दी हो सके सभी लापता व्यक्तियों के परिवार के सदस्य उन्हें ढूंढ लें। हमारी जिम्मेदारी अभी खत्म नहीं हुई है।' इस बीच भारतीय रेलवे ने ट्रेन हादसे की वजह से प्रभावित हुई पटरियों पर पैसेंजर ट्रेनों को दौड़ाना शुरू कर दिया है।