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ओडिशा के भद्रक में 9 महीने से खंडहर बना स्कूल, पेड़ों के नीचे गढ़ा जा रहा नौनिहालों का भविष्य

Published: Sat, 04 Apr 2026 06:18 PM (GMT+05:30)

ओडिशा के भद्रक जिले में एक सरकारी स्कूल का भवन 9 महीने से जर्जर है, जिससे छात्र पेड़ों के नीचे ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा के भद्रक जिले में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल का भवन जर्जर होने के कारण छात्र खुले आसमान के नीचे पेड़ों तले पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

भद्रक जिले के बासुदेवपुर ब्लॉक अंतर्गत बोहुमाघेरी सरकारी प्राथमिक विद्यालय में पिछले 9 महीनों से स्कूल भवन खंडहर स्थिति में पड़ा हुआ है। भवन के उपयोग लायक न होने के कारण शिक्षक बच्चों को पेड़ों के नीचे बैठाकर पढ़ाई करा रहे हैं।

बच्चों को कई समस्याओं का करना पड़ता है सामना

खुले में पढ़ाई के चलते बच्चों को धूप, गर्मी और बारिश जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि इस माहौल में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनकी सुरक्षा भी खतरे में है।

पेड़ों के नीचे हो रही पढ़ाई

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ‘खड़ी छुआं’ जैसा महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी पेड़ों के नीचे ही आयोजित करना पड़ा। एक अभिभावक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब वे अपने बच्चों को कार्यक्रम में लेकर आए, तो अन्य बच्चों को पेड़ों के नीचे पढ़ते देखा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी खतरनाक परिस्थितियों में बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे।

मामले पर बासुदेवपुर की ब्लॉक शिक्षा अधिकारी मधुस्मिता गिरी ने कहा कि स्कूल भवन के निर्माण के लिए फंड आवंटित किया जा चुका है और काम जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर स्थिति सामान्य कर दी जाएगी।

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