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ओडिशा में 'इंडिया' गठबंधन के 12 घंटे के बंद का व्यापक असर; सड़कें सुनसान, थमे बसों-ऑटो के पहिए

Published: Thu, 08 Oct 2026 12:50 PM (IST)

ओडिशा में इंडिया गठबंधन द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के बंद का व्यापक असर दिखा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। सार्वजनिक ...और पढ़ें

HighLights

  1. इंडिया गठबंधन के 12 घंटे के बंद का व्यापक असर।

  2. सार्वजनिक परिवहन ठप, बसें और ऑटो नहीं चले।

  3. चार प्रमुख मांगों को लेकर किया गया था बंद।

जागरण संवाददाता, भुवनेश्वर। ओडिशा में गुरुवार को विपक्षी गठबंधन इंडिया गठबंधन की ओर से बुलाए गए 12 घंटे के बंद का व्यापक असर देखने को मिला। सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक बुलाए गए बंद के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित रहा। 

सड़कों से बसें और ऑटो गायब रहे, जिससे सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर दुकानें, बाजार और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे।

कांग्रेस सहित विपक्ष के नौ दलों ने लोगों से बंद को समर्थन देने की अपील की थी। इस दौरान वाहनों का परिचालन बंद रखने के साथ ही दुकानें, बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कार्यालय बंद रखने का आह्वान किया गया था, जिसका असर देखने को मिला। केवल सड़क मार्ग ही नहीं रेलवे स्टेशन पर भी पूरा सरकारी पहुंचकर रेल सेवा को बाधित कर दिए।

चार प्रमुख मांगों को लेकर बंद

विपक्षी गठबंधन ने चार प्रमुख मांगों को लेकर बंद पालन किया है। इनमें खनन एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (एमएमडीआर एक्ट) को वापस लेने, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा राज्य में पाठ्यपुस्तकों में कथित अनियमितताओं को लेकर स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग शामिल है। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल और पर्याप्त राहत उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।

हालांकि, बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को इससे मुक्त रखा गया है। अस्पताल, एंबुलेंस, अग्निशमन एवं बचाव सेवाएं, दवा दुकानें और दूध की आपूर्ति सामान्य रखने का प्रावधान किया गया है। परीक्षाओं तथा मीडिया कर्मियों को भी बंद से छूट दी गई है।

बसें और ऑटो नहीं चलने से यात्री परेशान

बंद का सबसे अधिक असर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ा। हालांकि, राज्य निजी बस मालिक संघ ने बंद का समर्थन नहीं किया था, लेकिन विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरना-प्रदर्शन के कारण बस सेवाएं प्रभावित रहीं।

वहीं, निखिल उत्कल ऑटो चालक संघ ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए ऑटो का परिचालन बंद रखने का निर्णय लिया। इसके चलते यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी।

भुवनेश्वर में सड़क जाम

राजधानी भुवनेश्वर में बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए और कई स्थानों पर वाहनों की आवाजाही रोकने का प्रयास किया। मास्टर कैंटीन चौक पर विपक्षी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कारण बसों और ऑटो का परिचालन ठप हो गया। इससे यात्रियों को परेशानी हुई।

इसी तरह संबलपुर में लक्ष्मी टॉकीज चौक पर प्रदर्शनकारियों ने एक 'आम बस' को रोकने का प्रयास किया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति पर नजर रखी। बंद के दौरान विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

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