Stanford University की शीर्ष 2% वैज्ञानिकों की सूची में NIT राउरकेला का डंका, 29 प्रोफेसरों को मिली जगह
एनआईटी राउरकेला के 29 प्रोफेसरों और एक पूर्व शोध छात्र को स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल किया गया है।

29 प्रोफेसरों के अलावा, एनआईटी राउरकेला से पीएचडी कर चुके और वर्तमान में आईआईटी गुवाहाटी में कार्यरत डॉ. श्रीमंत पात्रा ने भी इस सूची में नाम दर्ज कराकर गौरव बढ़ाया है।
HighLights
स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर ने यह प्रतिष्ठित सूची जारी की।
19 अन्य वैज्ञानिकों ने 'लॉन्ग टर्म करियर' श्रेणी में जगह बनाई।
जागरण संवाददाता, राउरकेला। विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर एक बार फिर अपना परचम लहराया है।
अमेरिका के प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय और एल्सेवियर द्वारा जारी दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की नवीनतम सूची में एनआईटी राउरकेला के 29 प्रोफेसरों और एक पूर्व शोध छात्र ने जगह बनाई है।
यह उपलब्धि संस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए अकादमिक उत्कृष्टता का एक ऐतिहासिक क्षण है।
यह वैश्विक रैंकिंग वैज्ञानिकों के पूरे करियर के शोध प्रभाव, उनके शोधपत्रों को मिले साइटेशन (उद्धरण) और एच-इंडेक्स (H-index) के कड़े मूल्यांकन के बाद तैयार की गई है।
इन विभागों के प्रोफेसरों ने बढ़ाया मान

इस प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में एनआईटी राउरकेला के विभिन्न विभागों के शोधकर्ता शामिल हैं:
- जीवन विज्ञान: प्रो. सुरजीत दास, प्रो. सुजीत कुमार भुइयां, प्रो. समीर कुमार पात्र
- धातुकर्म एवं पदार्थ अभियांत्रिकी: प्रो. बंकीम चंद्र राय, प्रो. अजीत बेहरा
- गणित: प्रो. स्नेहाशीष चक्रवर्ती, प्रो. विकास साहू
- जैव प्रौद्योगिकी: प्रो. कुनाल पाल, प्रो. बालासुब्रमण्यम पी., प्रो. कृष्ण प्रामाणिक
- यांत्रिक अभियांत्रिकी: प्रो. सिबा शंकर महापात्र, प्रो. संध्यारानी बिस्वास, प्रो. एस. मुरुगन, प्रो. सुब्रत कुमार पांडा
- विद्युत अभियांत्रिकी: प्रो. प्रवात कुमार राय, प्रो. अनूप कुमार पांडा, प्रो. अर्णब घोष
- भौतिकी: प्रो. दिलीप कुमार प्रधान, प्रो. सुभाष चंद्र महापात्र, प्रो. इंद्राणी बनर्जी
- मानविकी: प्रो. नारायण सेठी, प्रो. जालंधर प्रधान
- अन्य विभाग: प्रो. शांतनु पारिया (रासायनिक), प्रो. ऋत्विक सरकार (सिरेमिक), प्रो. मोहम्मद खालिद गुल (खाद्य प्रसंस्करण), प्रो. हरेकृष्ण साहू (रसायन विज्ञान), प्रो. शांतनु कुमार बेहरा (इलेक्ट्रॉनिक्स), प्रो. सुरेश प्रसाद सिंह (सिविल) और प्रो. देबी प्रसाद त्रिपाठी (खनन अभियांत्रिकी)।
पूर्व छात्र और लॉन्ग टर्म करियर श्रेणी में भी सफलता
इन 29 प्रोफेसरों के अलावा, एनआईटी राउरकेला से पीएचडी कर चुके और वर्तमान में आईआईटी गुवाहाटी में कार्यरत डॉ. श्रीमंत पात्रा ने भी इस सूची में नाम दर्ज कराकर गौरव बढ़ाया है।
इसके साथ ही, शोध में उत्कृष्ट और निरंतर योगदान के चलते संस्थान के 19 अन्य वैज्ञानिकों ने स्टैनफोर्ड की 'लॉन्ग टर्म करियर' श्रेणी में भी अपना स्थान पक्का किया है।
यह सम्मान भारतीय संस्थानों में हो रहे शोध की गुणवत्ता और विश्व स्तर पर उसकी प्रासंगिकता को सिद्ध करता है। यह पूरे राष्ट्र के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
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प्रो. के. उमामहेश्वर राव, निदेशक, एनआईटी राउरकेला
