मयूरभंज में 86 जंगली हाथियों का आतंक: फसलें तबाह, मकान ध्वस्त; ग्रामीण आक्रोशित
ओडिशा के मयूरभंज जिले के रासगोविंदपुर में 86 जंगली हाथियों का झुंड पश्चिम बंगाल से प्रवेश कर फसलों और कच्चे मकानों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। ...और पढ़ें


समय कम है?
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लावा पांडे, बालेश्वर। ओडिशा के मयूरभंज जिले के रासगोविंदपुर नामक स्थान के पोडापदा और बाघों साही नामक इलाके में आज रविवार को जंगली हाथियों ने मानो कोहराम मचाया हुआ है।
मात्र चंद दिनों पहले यह जंगली हाथी पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से ओडिशा के भीतर जंगल के रास्ते प्रवेश किए हैं। शाम होते ही यानी कि सूरज ढलते ही इन हाथियों का झुंड गांव की ओर चले आते हैं तथा सुबह होते ही यह फिर से वापस जंगल की ओर चले जाते हैं।
इन हाथियों को देखने के लिए भारी संख्या में लोग जंगल के आसपास एकत्र हो जाते हैं। वन विभाग की ओर से इन हाथियों के झुंड को लिए खदेड़ने के लिए भरकम प्रयास किया जा रहा हैं तथा इन हाथियों को गांव के भीतर प्रवेश न कर पाए इसके लिए भी वन विभाग की ओर से कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं।

लोगों को शाम के बाद घर से ना निकलने तथा जंगल की ओर न जाने का हिदायत भी दिया जा रहा है | इन जंगली हाथियों के द्वारा भारी संख्या में फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ साथ कई कच्चे मकानों को तोड़ने की भी सूचना मिली है जिसके चलते यहां के स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया है।
लोगों ने मांग किया है कि तत्काल हाथियों के द्वारा किए कई नुकसान की भरपाई सरकार करें। यह पहला मौका नहीं है कि जब जंगली हाथी मयूरभंज जिले के विभिन्न इलाकों में आतंक मचाए हुए हैं।
प्रतिवर्ष जंगली हाथियों का झुंड झारखंड के रास्ते या फिर पश्चिम बंगाल के रास्ते ओडिशा के मयूरभंज जिले तथा बालेश्वर के निलगिरी नामक इलाके में प्रवेश करते हैं और कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ फसलों को भारी तादाद में नुकसान पहुंचाते हैं। समाचार लिखे जाने तक इन हाथियों का दल मयूरभंज जिले के रासगोविंदपुर नामक इलाके में मौजूद थे।