यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेरिका ने यूपी की तुलना सीरिया और इराक से की
वाशिंगटन। अमेरिका ने दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर अपनी एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की आलोचना करते हुए उसे सीरिया और इराक के बराबर ठहरा द ...और पढ़ें

वाशिंगटन। अमेरिका ने दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दे पर अपनी एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की आलोचना करते हुए उसे सीरिया और इराक के बराबर ठहरा दिया है। उसने रिपोर्ट में धर्म के आधार पर भेदभाव का मुकाबला नहीं करने पर उत्तर प्रदेश सरकार की तीखी आलोचना की है।
'इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम रिपोर्ट फॉर 2013' नाम की 16 वीं वार्षिक रिपोर्ट में पूरी दुनिया के देशों का विवरण पेश करते हुए बताया गया है कि कब और कहां धार्मिक आजादी की अनदेखी हुई और कहां इसकी रक्षा की गई। इसमें कहा गया है कि भारत के सर्वाधिक बड़े राज्यों में शामिल उत्तर प्रदेश भी सीरिया, इराक, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसा है जहां की सरकारें धार्मिक आधार पर भेदभाव और धार्मिक असहनशीलता का मुकाबला करने में नाकाम रहीं हैं।
एक समुदाय विशेष के लोगों ने अल्पसंख्यकों पर धर्म के आधार पर हमले किए। इसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरे वर्ष भी सांप्रदायिक हिंसा में सर्वाधिक मौतें हुई। इनमें मुजफ्फरनगर दंगे में मारे गए 65 लोग भी शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि मुजफ्फरनगर के दंगे में 68 लोग घायल हुए और एक आकलन के मुताबिक 40 से 50 हजार लोग विस्थापित हुए।
विस्थापन के बारे में कहा गया है कि पूरी दुनिया के लगभग हर कोने में लाखों ईसाई, मुस्लिम, हिंदू और अलग-अलग धार्मिक आस्था वाले लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान में आतंकियों ने पिछले साल 400 से अधिक शिया मुसलमानों की हत्या कर दी।

