यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
टर्मिनेटर स्टाइल के रोबोट की हकीकत जल्द होगी पूरी
जरूरत के मुताबिक द्रव्य से ठोस और फिर से ठोस से द्रव्य में बदलने वाले और खराबी आने पर खुद ही उसे ठीक करने वाले टर्मिनेटर स्टाइल के रोबोट जल्द ही हकीकत ...और पढ़ें

वाशिंगटन। जरूरत के मुताबिक द्रव्य से ठोस और फिर से ठोस से द्रव्य में बदलने वाले और खराबी आने पर खुद ही उसे ठीक करने वाले टर्मिनेटर स्टाइल के रोबोट जल्द ही हकीकत में नजर आ सकते हैं। वैज्ञानिकों ने मोम और झाग से बना एक ऐसा पदार्थ तैयार किया है, जो कम लागत वाले रोबोटों को भी ठोस से तरल अवस्था में बदल सकेगा ।
इस पदार्थ को मैसाचुएटस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी [एमआइटी] की एनेट होसोई और उनकी सहयोगियों ने तैयार किया है। इसका उपयोग शल्य चिकित्सा में काम आने वाले छोटे आकार के रोबोट बनाने में होगा। ये रोबोट सर्जरी के दौरान शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बिना किसी अंग या रुधिर वाहिका को क्षति पहुंचाए बगैर गति करने में सक्षम होंगे।
होसोई ने बताया कि अति तरल संरचना को नियंत्रित करना मुश्किल होता है, यह पता नहीं रहता कि वह किस तरह से गति करेगी और कौन सा आकार ग्रहण करेगी। इसीलिए शोधकर्ताओं ने तय किया कि हम ऐसा पदार्थ बनाएंगे, जो ठोस से तरल और तरल से ठोस में बदल सके। उनके मुताबिक, यह पदार्थ अपनी मरम्मत खुद कर सकता है। इसे गर्म किया जा सकता है और बाद में ठंडा भी। अंतत: यह अपनी मूल आकृति में लौट आता है। इस शोध को मैक्रोमॉलीक्यूलर जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

