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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

...लौट कर पाकिस्तान बातचीत पर आया

By Monika minalEdited By:
Updated: Sat, 16 Apr 2016 11:03 AM (IST)

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित अपने उच्‍चायुक्‍त अब्दुल बासित की बातों को गलत ठहराते हुए दोतरफा शांति वार्ता को बढ़ाने की बात कही है।

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इस्लामाबाद (आइएएनएस)। पाकिस्तान फिर भारत के साथ वार्ता के पक्ष में आ गया है। सात अप्रैल को पाकिस्तानी उच्चायुक्त ने नई दिल्ली में भारत से शांति पहल के तहत वार्ता प्रक्रिया को निलंबित करने की एकतरफा घोषणा कर दी थी। इसके आठ दिन बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने दिल्ली स्थित अपने उच्चायुक्त अब्दुल बासित की बातों को गलत ठहराते हुए दोतरफा शांति वार्ता को बढ़ाने की बात कही है।

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वैसे भी पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ की टेलीफोन पर हुई वार्ता के बाद से ऐसे संकेत मिलने भी लगे थे। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बातचीत की प्रक्रिया स्थगित नहीं हुई है। मंत्रालय के प्रवक्ता नसीफ जकारिया ने कहा कि इसे फिर शुरू करने के लिए दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है।

उल्लेखनीय है कि पठानकोट एयरबेस पर दो जनवरी को हुए आतंकी हमले की जांच के लिए पिछले दिनों पाकिस्तान से संयुक्त जांच टीम (जेआइटी) आई थी। इसके बाद एनआइए को जांच के लिए पाकिस्तान जाना था, जिसकी अनुमति देने से उच्चायुक्त बासित ने इन्कार कर दिया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से जब पूछा गया कि बासित ने जिस तरह सीधे तौर पर निलंबित शब्द का इस्तेमाल किया था, उस पर आपका क्या कहना है, तो उन्होंने कहा-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले साल दिसंबर में हुई पाकिस्तान यात्रा के दौरान फैसला हुआ था कि दोनों विदेश सचिव जल्द मुलाकात करेंगे।

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उम्मीद जताई गई थी कि दोनों पक्ष विदेश सचिव स्तर की वार्ता के तौर-तरीकों पर काम करेंगे। इसी के तहत हमें आगे सोचने की जरूरत है। उनके मुताबिक, किसी विकल्प को खत्म करने के बारे में कतई नहीं सोचना चाहिए। जकारिया ने तो यहां तक दावा किया कि दोनों पक्ष एक-दूसरे के संपर्क में हैं। एक बार तौर-तरीकों पर काम हो जाए तो उसके बाद सचिव स्तर की वार्ता होगी।