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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यजीदी महिलाओं व बच्चों को आइएस ने बनाया गुलाम

By Rajesh NiranjanEdited By:
Published: Tue, 14 Oct 2014 10:43 AM (IST)Updated: Tue, 14 Oct 2014 10:48 AM (IST)

इराक और सीरिया में आतंक का दूसरा नाम बन चुके इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय के पुरुषों का ...और पढ़ें

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बगदाद। इराक और सीरिया में आतंक का दूसरा नाम बन चुके इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने अल्पसंख्यक यजीदी समुदाय के पुरुषों का कत्लेआम करने के बाद महिलाओं व बच्चों को गुलाम बना लिया है। आइएस की मैगजीन दबीक में दावा किया गया है कि उत्तरी इराक से पकड़े गई यजीदी महिलाओं व बच्चों को उन्होंने अपने साथियों को इस्तेमाल के लिए दे दिया है।

दबीक का नया इश्यू रविवार को जारी हुआ। इससे पता चल रहा है कि आधुनिक युग में भी यह आतंकी गुट मध्यकालीन दासता को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटा हुआ है। आतंकियों ने उत्तरी इराक में कब्जे के बाद यजीदी समुदाय पर हमला बोल दिया था। इसके चलते हजारों यजीदी कुर्दो के इलाके में भाग गए थे और सैकड़ों मारे गए। दबीक के लेख में कहा गया है कि महिलाओं और बच्चों को शरई कानून के मुताबिक लोगों में बांटा गया। इस बीच तुर्की की सीमा पर कोबानी कस्बे में सोमवार को भी भीषण लड़ाई जारी रही। तुर्की ने अमेरिका को साफ मना कर दिया है कि वह अपने हवाई अड्डों का इस्तेमाल विदेशी लड़ाकू विमानों को नहीं करने देगा। इससेउत्साहित आइएस आतंकियों ने कोबानी में कुर्द लड़ाकों पर हमले तेज कर दिए। अमेरिका और सऊदी अरब के विमानों ने कोबानी पर बम भी बरसाए। इसके चलते आतंकी ज्यादा आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

उधर, न्यूजीलैंड ने कहा है कि वह आतंकी गुटों से जुड़ने जा रहे लोगों के लिए कड़े कानून बनाएगा। प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा कि ऐसे लोग वापस लौटने के बाद देश के लिए ही बड़ा खतरा बन सकते हैं। उन्होंने स्वीकारा कि कुछ नागरिक सीरिया और इराक में लड़ रहे हैं। वहीं आइसलैंड ने आइएस द्वारा इस्तेमाल की जा रही वेबसाइट को बंद कर दिया है।

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