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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 21, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एड्स दवाओं के मसीहा वैज्ञानिक लांग भी थे एमएच 17 में

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Updated: Mon, 21 Jul 2014 09:05 PM (IST)

मलेशियाई विमान एमएच 17 हादसे में मारे गए लोगों में नीदरलैंड के वैज्ञानिक जोप लांग भी थे, जो 90 के दशक से ही एचआइवी दवाओं को गरीब देशों तक पहुंचाने के अभियान में लगे थे।

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लंदन। मलेशियाई विमान एमएच 17 हादसे में मारे गए लोगों में नीदरलैंड के वैज्ञानिक जोप लांग भी थे, जो 90 के दशक से ही एचआइवी दवाओं को गरीब देशों तक पहुंचाने के अभियान में लगे थे।

लांग के निधन ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और चिकित्सा अनुसंधान समुदायों को व्यथित कर दिया है। जर्नल नेचर की रिपोर्ट के मुताबिक, एचआइवी शोध व उपचार के क्षेत्र में जोप लांग के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने एचआइवी के उपचार को अफ्रीका और एशिया के गरीब इलाकों तक पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया था। सिडनी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल्स के एड्स शोधकर्ता डेविड कूपर ने कहा, कई एंटीवायरल दवाओं के साथ रोगियों के उपचार की सुरक्षा और प्रभावशीलता को सुनिश्चित करने में लांग के काम से हमें काफी मदद मिली है। जोप लांग यूनिवर्सिटी ऑफ एम्सटर्डम में वायरोलॉजिस्ट थे। वे वायरस और वायरस जनित रोगों पर शोध कार्य करते थे।

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