यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 15, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भारतीय मीडिया बना रहा चीन के खिलाफ नकारात्मक माहौल
चीनी अखबार ने कहा कि दोनों देशों के मीडिया को भारत और चीन के बीच मतभेद पैदा करने के पश्चिमी देशों के प्रयास से सतर्क रहना चाहिए।

बीजिंग, प्रेट्र। भारतीय मीडिया चीन और भारत के बीच के मतभेदों को उछालकर चीन के खिलाफ नकारात्मक भावनाएं भड़का रहा है। यह बात चीन सरकार द्वारा नियंत्रित अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कही है। अखबार ने कहा कि दोनों देशों के मीडिया को भारत और चीन के बीच मतभेद पैदा करने के पश्चिमी देशों के प्रयास से सतर्क रहना चाहिए।
चीनी विदेश मंत्री वांग ई के हाल के भारत दौरे पर आई खबरों का उल्लेख करते हुए ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि ई के दौरे से एक सप्ताह पूर्व ही भारतीय मीडिया ने उसकी चर्चा शुरू कर दी थी। कुछ भारतीय अखबारों ने लिखा पहले चीन ने भारत के एनएसजी में जाने का रास्ता रोका लेकिन अब वह दक्षिण चीन सागर मामले में भारत का सहयोग चाहता है।
पढ़ेंः PM मोदी और सुषमा से मिले चीन के विदेश मंत्री, कई मुद्दों पर हुई वार्ता
जबकि ज्यादातर ने इस दौरे को जी 20 और ब्रिक्स सम्मेलनों से जोड़ा। भारत और चीन संबंधों को लेकर भारतीय मीडिया में नकारात्मक रुख बहुत समय बाद दिखाई दिया है। यह चीन को लेकर भारतीय जनमानस में खराब सोच विकसित करता है।
अखबार ने लिखा है कि हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच दो घटनाएं हुई हैं। एक मामला एनएसजी से जुड़ा हुआ है जबकि उसके बाद दूसरा मामला भारत में कार्य करने वाले चीनी पत्रकारों का वीजा न बढ़ाया जाना है। इस तरह के मामले दोनों देशों के बीच संबंधों में बाधा पैदा करते हैं लेकिन रिश्तों को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाना चाहिए। दोनों देश सहयोग के बड़े क्षेत्रों में मिल-जुलकर काम कर रहे हैं।

