यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
यहां युवक-युवती पहनते हैं एक जैसे कपड़े
बांसवाड़ा जिले के युवक-युवतियां एक जैसे कपड़े पहनते हैं। इतना ही नहीं ये युवक-युवतियां इन कपड़ों को पहनकर बाजार भी जाते हैं।

वैसे तो स्कूल में छात्र-छात्रों का एक जैसी पोशाक पहनना या कोई डांस परफॉर्म करते समय एक जैसा डे्रसअप तो सामान्य सी बात है। लेकिन क्या कभी गांव के युवक-युवतियों को एक ही जैसे कपड़े पहने घूमते हुए देखा है।
जी हां, बांसवाड़ा जिले के आदिवासी युवक-युवतियों में ऐसा चलन है। ये युवक-युवतियां होली पर्व पर खेले जाने वाले परंपरागत नृत्य गेर में शामिल होने के लिए एक जैसे कपड़े पहनते हैं। इतना ही नहीं ये युवक-युवतियां इन कपड़ों को पहनकर बाजार भी जाते हैं।
इन युवक-युवतियों के एक जैसे कपड़े पहनने को लेकर कोई परंपरा व रिवाज नहीं बल्कि एकता का प्रतीक है। युवक-युवतियों में यह चलन पिछले कुछ वर्षों से ही पनपा है। युवक-युवती एक जैसी पोशाक इसलिए पहनते हैं ताकि वह एक जैसे दिखें।
